Bihar: 'आपातकाल का विरोध करने वाले अब इमरजेंसी थोपने वालों के साथ'; शाहनवाज हुसैन, आगामी चुनाव पर भी बोले
Bihar: शाहनवाज हुसैन ने लालू यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता आपातकाल का विरोध करते थे, आज वे उसी कांग्रेस की गोद में बैठे हैं जिसने देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल आपातकाल को याद करने का नहीं, बल्कि लालू प्रसाद के जंगलराज को भी याद करने का दिन है।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस और राजद पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी आपातकाल का विरोध करते थे, आज वही लोग उस आपातकाल थोपने वालों के साथ खड़े हैं। भाजपा द्वारा आयोजित कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल के काले अध्याय के 50 वर्षविषयक संगोष्ठी में बोलते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसे स्वार्थी गठबंधन को सबक सिखाएगी।
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस ने 1975 में संविधान को कुचलते हुए देश पर आपातकाल थोपा था और अब वही कांग्रेस भाजपा पर संविधान बदलने का झूठा आरोप लगाती है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश में लोकतंत्र को कुचल कर इमरजेंसी लगाई, वे लोग अब संविधान की रक्षा की बातें करते हैं। उन्हें संविधान की दुहाई देना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार में संविधान पूरी तरह सुरक्षित है। भाजपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान की सच्ची रक्षक है और रहेगी।
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लालू पर भी साधा निशाना
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता आपातकाल का विरोध करते थे, आज वे उसी कांग्रेस की गोद में बैठे हैं जिसने देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल आपातकाल को याद करने का नहीं, बल्कि लालू प्रसाद के जंगलराज को भी याद करने का दिन है। आज इमरजेंसी लगाने वाले और जंगलराज चलाने वाले साथ-साथ हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू प्रसाद एक ओर तो संविधान की दुहाई देते हैं, लेकिन दूसरी ओर संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर की तस्वीर अपने पैरों के नीचे रखवाते हैं। ऐसे लोगों के मुंह से संविधान की रक्षा की बात महज ढकोसला है।
इमरजेंसी में हुआ अंग्रेजों से भी बड़ा अत्याचार
शाहनवाज हुसैन ने कहा कि 1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान देशवासियों पर अंग्रेजों से भी बड़ा जुल्म किया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम स्वतंत्रता संग्राम को याद करते हैं, उसी तरह इमरजेंसी के काले दिनों को भी याद करना जरूरी है। भाजपा हर साल इस दिन को मनाकर देशवासियों को उस अन्याय की याद दिलाती रहेगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता सब कुछ देख रही है। अब समय आ गया है कि जो लोग इमरजेंसी थोपने वालों के साथ हैं और सत्ता के लिए किसी भी समझौते को तैयार हैं, उन्हें विधानसभा चुनाव में करारा जवाब दिया जाए।