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गया में अचानक बजा सायरन: राहत और बचाव के लिए तुरंत पहुंची NDRF, जीआरपी और आरपीएफ की टीम, तत्काल पहुंचाई राहत
Thu, 08 May 2025 04:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 May 2025 04:31 PM IST
सार
Gaya: NDRF के डिप्टी कमांडेंट सुतेन मणि मिश्रा ने बताया कि आज हमने रेलवे के साथ मिलकर एक मॉक ड्रिल की। यदि ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है और उसमें कुछ यात्री कोच में फंसे होते हैं, तो NDRF, रेलवे के अधिकारी, RPF, GRP और अग्निशमन दल मिलकर कैसे राहत और बचाव कार्य करेंगे, इसके लिए यह संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
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ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त के बाद मौजूद बचाव दल के लोग
विस्तार
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों ठिकानों को ध्वस्त करने के बाद गया के धार्मिक स्थल समेत सभी सरकारी विभाग हाई अलर्ट पर है। सभी विभाग के लोगों आपदा से निपटने के लिए अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। इसी क्रम में गुरुवार को गया जंक्शन पर अचानक सायरन बजने के बाद हड़कंप मचा गया। सायरन की आवाज सुनते ही बचाव और राहत कार्य की टीम के जीआरपी, आरपीएफ समेत रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तुरंत एनडीआरएफ की टीम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की टीम पहुंची और राहत व बचाव कार्य को शुरू कर दिया।
बताते चलें कि रेल दुर्घटना की स्थिति में राहत व बचाव कार्यो के सफल संचालन के उद्देश्य को लेकर गया जंक्शन के रेलवे यार्ड में में 11:30 बजे अचानक सायरन बजने लगा और गया जंक्शन पर GRP और RPF तथा NDRF के जवानों की चहल कदमी तेज हो गई। गया जंक्शन पर मौजूद यात्री को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। तभी पता चला की यह रेलवे के द्वारा मॉक ड्रिल किया जा रहा है।
पढ़ें: शादी समारोह में शामिल होने गए युवक की मौत, छत से गिरने के दौरान टीन से कटने से हुई दर्दनाक घटना
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ज्ञात हो की रेल दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्यो को सफल संचालन के उद्देश्य को लेकर आज गया जंक्शन के यार्ड में मॉक ड्रिल किया गया। जिसमें रेल दुर्घटना के बाद सभी यात्री को रेल के कोच से कैसे निकाला जाए और कैसे दुर्घटना ग्रस्त ट्रेन को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, इन सभी चीजों को लेकर आज गया जंक्शन के रेलवे यार्ड में मॉक ड्रिल किया गया। जिसमे NDRF, GRP,RPF और रेलवे के कई अधिकारी हुए शामिल हुए है।
सभी दुर्घटनाओं से निपटने की हो रही है तैयारी
इस संबंध में NDRF के डिप्टी कमांडेंट सुतेन मणि मिश्रा ने बताया कि आज हमने रेलवे के साथ मिलकर एक मॉक ड्रिल की। यदि ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है और उसमें कुछ यात्री कोच में फंसे होते हैं, तो NDRF, रेलवे के अधिकारी, RPF, GRP और अग्निशमन दल मिलकर कैसे राहत और बचाव कार्य करेंगे, इसके लिए यह संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
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बताते चलें कि रेल दुर्घटना की स्थिति में राहत व बचाव कार्यो के सफल संचालन के उद्देश्य को लेकर गया जंक्शन के रेलवे यार्ड में में 11:30 बजे अचानक सायरन बजने लगा और गया जंक्शन पर GRP और RPF तथा NDRF के जवानों की चहल कदमी तेज हो गई। गया जंक्शन पर मौजूद यात्री को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। तभी पता चला की यह रेलवे के द्वारा मॉक ड्रिल किया जा रहा है।
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ज्ञात हो की रेल दुर्घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्यो को सफल संचालन के उद्देश्य को लेकर आज गया जंक्शन के यार्ड में मॉक ड्रिल किया गया। जिसमें रेल दुर्घटना के बाद सभी यात्री को रेल के कोच से कैसे निकाला जाए और कैसे दुर्घटना ग्रस्त ट्रेन को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, इन सभी चीजों को लेकर आज गया जंक्शन के रेलवे यार्ड में मॉक ड्रिल किया गया। जिसमे NDRF, GRP,RPF और रेलवे के कई अधिकारी हुए शामिल हुए है।
सभी दुर्घटनाओं से निपटने की हो रही है तैयारी
इस संबंध में NDRF के डिप्टी कमांडेंट सुतेन मणि मिश्रा ने बताया कि आज हमने रेलवे के साथ मिलकर एक मॉक ड्रिल की। यदि ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है और उसमें कुछ यात्री कोच में फंसे होते हैं, तो NDRF, रेलवे के अधिकारी, RPF, GRP और अग्निशमन दल मिलकर कैसे राहत और बचाव कार्य करेंगे, इसके लिए यह संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई।