{"_id":"66f171345f87d30c7f0449b2","slug":"bihar-news-dengue-is-wreaking-havoc-in-aurangabad-39-patients-found-so-far-in-month-of-september-2024-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: औरंगाबाद में कहर बरपा रहा डेंगू; सितंबर महीने में अब तक मिले 39 मरीज, अस्पताल में भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: औरंगाबाद में कहर बरपा रहा डेंगू; सितंबर महीने में अब तक मिले 39 मरीज, अस्पताल में भर्ती
Mon, 23 Sep 2024 07:16 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 23 Sep 2024 07:16 PM IST
सार
Aurangabad News: औरंगाबाद में सितंबर महीने में डेंगू के 39 मरीज पाए गए हैं, यह एक चिंताजनक स्थिति है। हालांकि अस्पताल में चार-पांच मरीज भर्ती हैं, जबकि बाकियों को दवा देकर घर भेज दिया गया है।
विज्ञापन
औरंगाबाद सदर अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
औरंगाबाद जिले में डेंगू का कहर बरप रहा है। डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस माह में एलिजा टेस्ट में अब तक 39 लोग डेंगू के पॉजिटिव पाए गए हैं। इन सभी का औरंगाबाद सदर अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती कर इलाज किया गया है। फिलहाल चार से पांच मरीजों का अस्पताल के डेंगू वार्ड में इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि डेंगू वार्ड में डेंगू के शिकार उन्हीं मरीजों को भर्ती किया जाता है, जिनका प्लेटलेट्स काउंट कम पाया जाता है। इन मरीजों को गहन चिकित्सा में रखा जाता है। जिन मरीजों का प्लेटलेट्स काउंट सही होता है, उन्हें दवा और परामर्श देकर घर भेज दिया जाता है। इस वजह से अभी अस्पताल में चार-पांच मरीज ही भर्ती हैं, जिनका प्लेटलेट्स काउंट कम है। उन्होंने कहा कि इलाज के बाद कई मरीज स्वस्थ होकर अपने घर पर हैं। वहीं, डेंगू के मरीजों के मिलने के बावजूद औरंगाबाद नगर परिषद प्रशासन पूरी तरह उदासीन है। शहर में जहां-तहां कचरों का अंबार लगा है। सही तरीके से कचरे का उठाव नहीं हो रहा है। बरसात के मौसम में डेंगू और अन्य संक्रामक रोगों से बचाव को लेकर शहर में फॉगिंग और दवा तक का छिड़काव नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
ये हैं डेंगू के लक्षण
औरंगाबाद सदर अस्पताल के प्रबंधक हेमंत राजन ने डेंगू का लक्षण बताते हुए कहा कि डेंगू से पीड़ित लोगों को अचानक तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी, शरीर में दर्द और आंखों में दर्द होता है। इस तरह के लक्षण दिखें और सांस लेने में मुश्किल हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ केंद्र में इलाज कराएं। उन्होंने कहा कि डेंगू एक संक्रमण है, जो मच्छरों के काटने से होता है। डेंगू का बुखार चार से दस दिनों तक रहता है। हालांकि गंभीर मामलों में बुखार 10 से ज्यादा दिन भी रह सकता है। डेंगू का तुरंत उपचार कराना चाहिए। डेंगू बुखार रहने पर मरीज को मच्छरदानी और साफ-सुथरी जगह पर रहना चाहिए, ताकि वह दूसरों को संक्रमित न कर सके। बुखार आने पर जल्द से जल्द इसका उपचार कराना चाहिए।
विज्ञापन
‘औरंगाबाद सदर अस्पताल में डेंगू के इलाज की समुचित व्यवस्था’
औरंगाबाद के जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि औरंगाबाद सदर अस्पताल में डेंगू के इलाज की उचित व्यवस्था है। इसे लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि कही भी जल जमाव न होने दें। मच्छरों से बचने के लिए लोशन या मच्छरदानी या स्प्रे का इस्तेमाल करें। घर के आसपास सफाई रखें। पानी के बर्तनों को ढक कर रखें। कूलर में पानी बदलते रहें। खाली बर्तन, खाली डिब्बे, टायर, गमले, मटके और बोतल आदि में पानी जमा न होने दें। घर के दरवाजे, खिड़की और रोशनदान में जाली लगवाएं तथा सुरक्षित कपड़े पहनें।
डेंगू जांच करने के तरीके
औरंगाबाद सदर अस्पताल की लैब में कार्यरत एक टेक्नीशियन ने बताया कि डेंगू की जांच के लिए डेंगू डे-1 टेस्ट किट में दो डिवाइस होते हैं। एक डिवाइस डेंगू एनएस 1 एंटीजन का पता लगाने के लिए होता है। दूसरा डिवाइस मानव सीरम, प्लाज्मा में डेंगू आईजीएम, आईजीजी, एंटीबॉडी की अलग-अलग जांच के लिए होता है। उन्होंने बताया कि एलिजा एक रीडर मशीन है, जिसे ऐसी बॉडी टेस्ट के मापने के लिए डिजाइन किया गया है। इस मशीन में मरीजों का ब्लड का सैंपल लेकर डाला जाता है और इससे डेंगू है या नहीं, इसका पता लगाया जाता है। इस टेस्ट में एंटीजन और एटीबॉडी डिटेक्ट होते हैं। औरंगाबाद में इस महीने में अब तक 838 लोगों का एलिजा टेस्ट किया गया है, जिसमें अंतत: 39 लोग डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं।