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Bihar: बीते 17 दिनों बाद तालाब से मिला पांच साल की काव्या का शव, रहस्मय तरीके से हुई थी गायब; परिजनों में मातम
Fri, 17 Jan 2025 02:59 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 17 Jan 2025 02:59 PM IST
सार
Nawada News: नवादा में बीते 17 दिनों से गायब पांच साल की काव्या का शव तालाब से मिला है। बच्ची रहस्मय तरीके से गायब हो गई थी। शव मिलने पर बच्ची के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
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घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नवादा के नरहट थाना क्षेत्र के पाली गांव में 17 दिनों से रहस्यमय तरीके से गायब पांच वर्षीय बच्ची काव्या कुमारी का शव गांव के एक आहर (तालाब) से बरामद हुआ है। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है और परिजनों में कोहराम मच गया है।
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जानकारी के मुताबिक, बच्ची का शव उस वक्त मिला, जब ग्रामीणों ने शक के आधार पर तालाब के पानी को मोटरपंप की मदद से सुखाने का प्रयास किया। शव बरामद होने के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। नरहट और हिसुआ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच शुरू कर दी गई।
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कैसे गायब हुई बच्ची?
एक जनवरी 2025 को नए साल के दिन काव्या कुमारी दोपहर करीब दो बजे अपनी नानी के घर (पाली गांव) के आंगन में खेल रही थी। अचानक रहस्यमय तरीके से वह लापता हो गई। काव्या का घर पकरीबरावां थाना क्षेत्र के असमा ग्राम में है। वह छुट्टियों के दौरान अपनी नानी के घर आई हुई थी। इसके बाद परिजनों ने तुरंत नरहट थाने में बच्ची के अपहरण की आशंका जताते हुए मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने डॉग स्क्वाड और विशेष टीमों की मदद से खोजबीन शुरू की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला।
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ग्रामीणों के प्रयास से मिला शव
पुलिस और प्रशासन की नाकामी से निराश परिजनों और ग्रामीणों ने खुद प्रयास करना शुरू किया। उन्होंने गांव के आहर का पानी मोटरपंप की मदद से सुखाने का फैसला किया। शव मिलते ही परिजनों ने काव्या की पहचान की। बच्ची के शव के बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल
बच्ची के नाना राजेश कुमार ने पहले ही आशंका जताई थी कि काव्या का अपहरण किसी अपराधी ने किया होगा। शव मिलने के बाद परिजन सदमे में हैं। बच्ची के पिता शिवशंकर सिंह और पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम को बुलाकर सबूत जुटाए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी लंबी खोजबीन के बावजूद बच्ची को बचाया क्यों नहीं जा सका।
वहीं, घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है। ग्रामीणों में पुलिस और प्रशासन के प्रति नाराजगी भी दिख रही है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते गंभीरता से प्रयास किया होता, तो बच्ची को बचाया जा सकता था।