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बारिश से नवादा जलमग्न: अस्पताल, कोर्ट और मंदिर तक में भरा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

Mon, 28 Jul 2025 02:59 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नवादा Published by: शबाहत हुसैन Updated Mon, 28 Jul 2025 02:59 PM IST
सार

Bihar: जलजमाव के चलते मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। डॉक्टरों ने डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसे मच्छरजनित और जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने आमजन को सतर्क रहने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है।

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Bihar: Nawada submerged due to rain, Water filled even in hospital, court and temple
सड़कें हुईं जलमग्न - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रविवार देर रात और सोमवार सुबह हुई मूसलधार बारिश ने नवादा नगर परिषद की तैयारियों की पोल खोल दी। महज कुछ घंटों की बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। मुख्य सड़कें, सरकारी कार्यालय, अस्पताल, मंदिर और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया।

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बारिश के बाद वीआईपी कॉलोनी, हरिश्चंद्र स्टेडियम, स्टेशन रोड, कदमकुआं चौक, विजय बाजार, मेन रोड, साहेब कोठी रोड, भादौनी, गोंदापुर, डोभरा पर, मिर्जापुर और शिवनगर समेत दर्जनों मोहल्लों में भारी जलजमाव देखा गया। समाहरणालय परिसर और अनुमंडल कार्यालय में पानी भरने से प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए।

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अस्पताल में पानी घुसा, मरीजों की जान जोखिम में
सबसे चिंताजनक स्थिति सदर अस्पताल की है, जहां पानी वार्डों तक पहुंच गया है। एक्स-रे रूम, रजिस्ट्रेशन काउंटर और दवा वितरण केंद्र तक जलमग्न हो चुके हैं। मरीजों और उनके परिजनों को गंदे पानी में खड़े होकर इलाज कराना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में गंदगी और बदबू के कारण संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।

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मंदिरों और घरों में भी घुसा नाली का पानी
वार्ड संख्या 05 स्थित बुधौल के देवी मंदिर में नाली का पानी भर जाने के बावजूद श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते नजर आए। वहीं, वार्ड संख्या 21 की एक गली में जलजमाव के कारण प्रमोद कुमार के घर में पानी घुस गया। स्थानीय लोग बाल्टी और मटका लेकर अपने-अपने घरों से पानी निकालते दिखे।

बीमारियों का खतरा बढ़ा
जलजमाव के चलते मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। डॉक्टरों ने डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसे मच्छरजनित और जलजनित बीमारियों के फैलने की आशंका जताई है। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने आमजन को सतर्क रहने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर साल मॉनसून से पहले दावे तो खूब किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस इंतजाम नहीं होता। नागरिकों का कहना है कि जब कोर्ट, अस्पताल और मंदिर तक जलमग्न हो जाएं, तो आम लोगों की तकलीफ कौन सुनेगा? नागरिकों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने, जलनिकासी की व्यवस्था सुधारने और बीमारी से बचाव हेतु दवा छिड़काव, फॉगिंग और स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है।

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