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Bihar News: रिश्ता शर्मसार, चाचा ने की भतीजी से शादी; क्षुब्ध पिता ने किया बेटे का पिंडदान
Mon, 13 Jul 2026 05:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 05:31 PM IST
सार
औरंगाबाद जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में चाचा और भतीजी की शादी का मामला सामने आया है। बेटे के इस फैसले से आहत पिता ने उसका जीवित रहते हुए पिंडदान कर सभी रिश्ते तोड़ लिए। लड़के के परिजनों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की, लेकिन दोनों के बालिग होने के कारण पुलिस ने हस्तक्षेप से इनकार किया।
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जिंदा बेटे का पिंडदान करते पिता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
औरंगाबाद जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामला नवीनगर प्रखंड के टंडवा थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां एक युवक ने अपनी रिश्ते की भतीजी से शादी कर ली। इस शादी से आहत पिता ने अपने जीवित बेटे का पिंडदान कर उससे सभी रिश्ते तोड़ लिए। लड़के की मां और मामा ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है। हालांकि, लड़का और लड़की दोनों के बालिग होने के कारण पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप करने में असमर्थता जताई है। हमारे पास लड़का-लड़की, दोनों परिवारों और गांव का नाम उपलब्ध है, लेकिन गांव की सामाजिक प्रतिष्ठा और दोनों परिवारों की मान-मर्यादा को देखते हुए उनकी पहचान उजागर नहीं की जा रही है।
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बेटे की शादी से आहत पिता ने किया जीवित पिंडदान
भतीजी से बेटे की शादी से आहत पिता ने गांव की नदी में उसका विधिवत पिंडदान कर दिया। पिता ने कहा कि बेटे के इस कदम से परिवार गांव, समाज और रिश्तेदारों के बीच सम्मान खो चुका है। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में अब उनका बेटा जीवित नहीं, बल्कि मृत समान है। इसी वजह से उन्होंने उसका पिंडदान कर उससे सारे रिश्ते समाप्त कर दिए।
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बड़ी बहन के कहने पर गांव में आकर बसा था परिवार
युवक की मां ने बताया कि पहले उनका परिवार दूसरे गांव में किराये के मकान में रहता था। बाद में उनकी बड़ी बहन ने अपने गांव में बसने की सलाह दी, जिसके बाद उन्होंने वहीं जमीन खरीदकर घर बना लिया। मां का आरोप है कि गांव में बसने के बाद बेटे का अपनी मौसी के घर आना-जाना बढ़ा और इसी दौरान उसकी बड़ी बहन के बेटे की बेटी ने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया।
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तय शादी का विरोध कर युवक के साथ चली गई थी युवती
मां के अनुसार, पिछले वर्ष परिवार ने युवती का रिश्ता कहीं और तय किया था, लेकिन युवती ने लड़के के सांवले रंग और अधिक उम्र का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद वह उनके बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई। उस समय युवती नाबालिग थी, लेकिन सामाजिक बदनामी के डर से परिवार ने पुलिस में शिकायत नहीं की।
बालिग होने के बाद दोनों की कराई गई शादी
परिजनों के मुताबिक, घर से भागकर बाहर रह रही युवती के बालिग होने के बाद उसके परिवार वालों ने दोनों को वापस बुलाया और उनकी शादी करा दी।
'पहले लड़का माना, फिर मारपीट कर कराई शादी'
लड़के के मामा ने बताया कि घर लौटने के बाद परिवार ने युवक को समझाया कि लड़की की दादी उसकी सगी मौसी हैं और लड़की का पिता उसका मौसेरा भाई है। ऐसे में रिश्ते के अनुसार वह लड़की का चाचा लगता है। परिवार की समझाइश के बाद युवक शादी से पीछे हटने को तैयार हो गया था। मामा का आरोप है कि इसके बाद लड़की के परिवार वालों ने युवक को अपने घर बुलाकर उसके साथ मारपीट की और जबरन शादी करा दी।
स्टांप पेपर पर तैयार कराया गया शादी का दस्तावेज
लड़के के मामा ने आरोप लगाया कि लड़की के परिवार ने 100 रुपये के स्टांप पेपर पर नोटरी के सामने शादी का दस्तावेज तैयार कराया। दस्तावेज में शादी दोनों परिवारों की सहमति से होने का उल्लेख किया गया है। उनका आरोप है कि इसमें लड़के के माता-पिता के हस्ताक्षर दिखाए गए हैं, जबकि उन्होंने कोई हस्ताक्षर नहीं किए। मामा ने इसे फर्जी बताते हुए कहा कि स्थानीय थाना उनकी शिकायत नहीं ले रहा था, जिसके बाद वे औरंगाबाद पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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'दोनों बालिग हैं, कानूनन नहीं कर सकते हस्तक्षेप'
टंडवा थानाध्यक्ष अजय बहादुर सिंह ने बताया कि लड़के की मां ने बेटे की शादी के संबंध में आवेदन दिया है। चूंकि लड़का और लड़की दोनों बालिग हैं, इसलिए कानून के अनुसार दो वयस्कों की सहमति से हुई शादी में पुलिस हस्तक्षेप नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी बताया कि आवेदन में बेटे को संपत्ति से बेदखल करने की मांग की गई है, जो सिविल प्रकृति का मामला है। ऐसे मामलों में निर्णय केवल सक्षम न्यायालय के आदेश पर ही संभव है।