{"_id":"6880a8c8bc116d188102eae3","slug":"bihar-crime-mutual-dispute-took-life-of-an-elderly-man-in-jehanabad-four-people-seriously-injured-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar Crime: जहानाबाद में आपसी विवाद ने ली बुजुर्ग की जान, चार लोग गंभीर घायल; प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar Crime: जहानाबाद में आपसी विवाद ने ली बुजुर्ग की जान, चार लोग गंभीर घायल; प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
Wed, 23 Jul 2025 02:48 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 23 Jul 2025 02:48 PM IST
सार
Jehanabad Crime: मृतक कइल यादव की पत्नी ने कहा कि मंगलवार को ही वे कल्पा थाना पहुंचीं और संभावित विवाद की जानकारी पुलिस को दी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। यदि पुलिस समय पर हस्तक्षेप करती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।
विज्ञापन
मामले की जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जहानाबाद जिले में आपराधिक घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि और पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता एक बार फिर सामने आई है। बुधवार को जहानाबाद के कल्पा थाना क्षेत्र स्थित रामसे बीघा गांव में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें 65 वर्षीय बुजुर्ग कइल यादव की मौत हो गई और चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
विज्ञापन
पुलिया पर गेहूं सुखाने से शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को कइल यादव का परिवार गांव की एक पुलिया पर गेहूं सुखा रहा था। उसी समय गांव के एक अन्य परिवार के सदस्य वहां पहुंचे और गेहूं हटाने को कहा। कइल यादव की बहू ने कहा कि थोड़ी देर में गेहूं हटा लेंगे, लेकिन इस छोटी-सी बात ने तूल पकड़ लिया। कहासुनी गाली-गलौज में बदली और हालात इतने बिगड़ गए कि बुधवार को मामला खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- Prashant Kishor: जनसुराज के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज; दो घंटे तक नहीं पहुंच सके विधानसभा या धरनास्थल
विज्ञापन
पुलिस को जानकारी मिलने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
कइल यादव की पत्नी ने बयान दिया है कि मंगलवार को ही वे कल्पा थाना पहुंचीं और संभावित विवाद की जानकारी पुलिस को दी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। यदि पुलिस समय पर हस्तक्षेप करती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था।
सुबह-सुबह हमले में एक की मौत
बुधवार सुबह, विवाद के विरोधी पक्ष ने लाठी-डंडों से कइल यादव के घर पर हमला कर दिया। इस हमले में कइल यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य विकास कुमार, नीतीश कुमार, कामेश्वर यादव और चिंता देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पहले सदर अस्पताल जहानाबाद ले जाया गया, जहां से चिंता देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटना स्थित पीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रामसे बीघा गांव में पहले भी इस तरह के आपसी टकराव हो चुके हैं, लेकिन इस बार मामला जानलेवा बन गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पुलिस ने मंगलवार को मिली शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की होती, तो कइल यादव की जान बच सकती थी।
यह भी पढ़ें- Tejashwi Yadav: 'CM नीतीश को चर्चा का विषय भी नहीं पता'- क्यों बोले तेजस्वी; विधानसभा से निकल भड़ास निकाली
पुलिस कर रही है मामले की जांच
फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंच कर मृतक के परिजनों को समझा-बुझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया में जुटी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच और बयान दर्ज किए जा रहे हैं।