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Bihar Crime: सूद पर दी गई रकम वापस मांगने पर अधेड़ का अपहरण कर हत्या; चार अपहर्ता गिरफ्तार, शव की तलाश जारी
Tue, 19 Mar 2024 08:12 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 19 Mar 2024 08:12 PM IST
सार
Aurangabad Crime: पुलिस ने बताया कि मृतक सूद पर पैसे लगाया करता था। आरोपियों को उसने सूद पर रकम दे रखी थी। कुछ दिनों तक उसे सूद मिला। बाद में सूद न मिलने पर वह उनसे पूरा बकाया के लिए बार-बार तकादा कर रहा था। इससे तंग आकर... पढ़ें पूरी खबर।
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पुलिस ने अपहरण और हत्या के प्रयास में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के औरंगाबाद में पुलिस ने अपहरण के मामले में चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। अपहृताओं ने स्वीकार भी कर लिया कि उन्होंने अगवा करने के दिन ही अपहृत की रात में हत्या कर दी थी और लाश को सोन नदी में फेंक दिया था। पुलिस शव ढूंढ़ने का प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है। मामला औरंगाबाद के हसपुरा थाना क्षेत्र के टाल गांव से जुड़ा है।
29 फरवरी को घटी थी अपहरण की घटना
दाउदनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार ऋषि राज ने बताया कि हसपुरा थाना क्षेत्र के टाल निवासी सुशील कुमार सिंह (55) 29 फरवरी को सुबह छह बजे अपनी लूना बाइक पर सवार होकर बाजार जा रहे थे। इसी दौरान उनका अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के अगले दिन एक मार्च को सुशील सिंह की हत्या कर शव को अपहृर्ताओं ने अरवल जिले के कलेर में सोन नदी में फेंक दिया था।
दो मार्च को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले में मृतक के बेटे प्रदीप कुमार की लिखित शिकायत पर हसपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में मृतक के बेटे ने कहा था कि 29 फरवरी को सुबह छह बजे उनके पिता अपनी लूना बाइक से बाजार जाने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान रास्तें में उन्हें अगवा कर लिया गया। दो मार्च को मामले की प्राथमिकी दर्ज करने के बाद से हसपुरा थाना की पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
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एसपी के निर्देश पर गठित की गई थी एसआईटी
मामले में अपहृत का पता लगाने के लिए औरंगाबाद की पुलिस अधीक्षक स्वपना गौतम मेश्राम के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआइटी) गठित की गई थी। एसआइटी में हसपुरा पुलिस के अलावा जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) के भी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया था। एसआईटी ने मामले की जांच के दौरान तकनीक का सहारा लिया। तकनीक का सहारा लेते हुए पुलिस साक्ष्य एकत्रित करने और अपहृत का पता लगाने में जुट गई। अपहृत का पता लगाने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सीडीआर की एनालिसिस की। एफएसएल का भी सहारा लिया। डॉग स्कवॉड को भी मौके पर बुलाया गया। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई।
इन सबके आधार पर पुलिस को संज्ञान में आया कि अपहृत व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। इस दौरान पुलिस को कई अहम सुराग भी मिले और पुलिस ने अनुसंधान एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में चार अपहृताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपहृताओं ने पुलिस के समक्ष घटना को अंजाम देने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
आठ टुकड़ों में मिली मतक की लूना
अपहर्ताओं की स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस ने अपहृत की लूना मोपेड को आठ टुकड़ों में बरामद की। मोपेड को अपहर्ताओं ने कबाड़ी को बेंच दिया था। कबाड़ी के यहां से आठ टुकड़ों में लूना मोपेड बरामद की गई। पुलिस गिरफ्तार चारों अपहर्ताओं को न्यायिक हिरासत में भेज रही है। गिरफ्तार अपहर्ताओं में अरवल जिले के कलेर थाना के हृदयचक निवासी मो. सदाब खान (34), मो. रजीन असलम (30), पुरा कोठी निवासी मो. बुलंद अख्तर (29) और दाउदनगर के चौरी निवासी मो. सद्दाम खान उर्फ एहतेशाम खान (55) शामिल हैं। मामले में पुलिस ने अपहरण और हत्या को अंजाम देने में अपहर्ताओं द्वारा इस्तेमाल की गई एक बाइक भी बरामद की है। पुलिस अपहृताओं की क्राइम हिस्ट्री खंगाल रही है।
रकम वापस मांगने के कारण हुई हत्या
पुलिस ने बताया कि मृतक सूद पर पैसे लगाया करता था। आरोपियों को उसने सूद पर रकम दे रखी थी। कुछ दिनों तक उसे सूद मिला। बाद में सूद न मिलने पर वह उनसे पूरा बकाया के लिए बार-बार तकादा कर रहा था। अपहृताओं ने पुलिस को बताया कि तकादे से आजिज होकर ही उन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया था।
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29 फरवरी को घटी थी अपहरण की घटना
दाउदनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार ऋषि राज ने बताया कि हसपुरा थाना क्षेत्र के टाल निवासी सुशील कुमार सिंह (55) 29 फरवरी को सुबह छह बजे अपनी लूना बाइक पर सवार होकर बाजार जा रहे थे। इसी दौरान उनका अपहरण कर लिया गया था। अपहरण के अगले दिन एक मार्च को सुशील सिंह की हत्या कर शव को अपहृर्ताओं ने अरवल जिले के कलेर में सोन नदी में फेंक दिया था।
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दो मार्च को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले में मृतक के बेटे प्रदीप कुमार की लिखित शिकायत पर हसपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में मृतक के बेटे ने कहा था कि 29 फरवरी को सुबह छह बजे उनके पिता अपनी लूना बाइक से बाजार जाने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान रास्तें में उन्हें अगवा कर लिया गया। दो मार्च को मामले की प्राथमिकी दर्ज करने के बाद से हसपुरा थाना की पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
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एसपी के निर्देश पर गठित की गई थी एसआईटी
मामले में अपहृत का पता लगाने के लिए औरंगाबाद की पुलिस अधीक्षक स्वपना गौतम मेश्राम के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (एसआइटी) गठित की गई थी। एसआइटी में हसपुरा पुलिस के अलावा जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) के भी पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया था। एसआईटी ने मामले की जांच के दौरान तकनीक का सहारा लिया। तकनीक का सहारा लेते हुए पुलिस साक्ष्य एकत्रित करने और अपहृत का पता लगाने में जुट गई। अपहृत का पता लगाने के लिए पुलिस ने कई जगहों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सीडीआर की एनालिसिस की। एफएसएल का भी सहारा लिया। डॉग स्कवॉड को भी मौके पर बुलाया गया। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई।
इन सबके आधार पर पुलिस को संज्ञान में आया कि अपहृत व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। इस दौरान पुलिस को कई अहम सुराग भी मिले और पुलिस ने अनुसंधान एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में चार अपहृताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपहृताओं ने पुलिस के समक्ष घटना को अंजाम देने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
आठ टुकड़ों में मिली मतक की लूना
अपहर्ताओं की स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस ने अपहृत की लूना मोपेड को आठ टुकड़ों में बरामद की। मोपेड को अपहर्ताओं ने कबाड़ी को बेंच दिया था। कबाड़ी के यहां से आठ टुकड़ों में लूना मोपेड बरामद की गई। पुलिस गिरफ्तार चारों अपहर्ताओं को न्यायिक हिरासत में भेज रही है। गिरफ्तार अपहर्ताओं में अरवल जिले के कलेर थाना के हृदयचक निवासी मो. सदाब खान (34), मो. रजीन असलम (30), पुरा कोठी निवासी मो. बुलंद अख्तर (29) और दाउदनगर के चौरी निवासी मो. सद्दाम खान उर्फ एहतेशाम खान (55) शामिल हैं। मामले में पुलिस ने अपहरण और हत्या को अंजाम देने में अपहर्ताओं द्वारा इस्तेमाल की गई एक बाइक भी बरामद की है। पुलिस अपहृताओं की क्राइम हिस्ट्री खंगाल रही है।
रकम वापस मांगने के कारण हुई हत्या
पुलिस ने बताया कि मृतक सूद पर पैसे लगाया करता था। आरोपियों को उसने सूद पर रकम दे रखी थी। कुछ दिनों तक उसे सूद मिला। बाद में सूद न मिलने पर वह उनसे पूरा बकाया के लिए बार-बार तकादा कर रहा था। अपहृताओं ने पुलिस को बताया कि तकादे से आजिज होकर ही उन लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया था।