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Bihar News: कैदी की मौत पर बवाल, परिजनों ने जेलर को घेरकर की धक्का-मुक्की; जेल प्रशासन पर इलाज न कराने का आरोप

Fri, 13 Dec 2024 05:27 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 13 Dec 2024 05:27 PM IST
सार

Aurangabad News: पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि कैदी ने सीने में दर्द होने की शिकायत की थी। इसके तत्काल बाद कैदी की मौत होना सवालों के घेरे में है। परिजनों के आरोप में दम है और पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो।

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Aurangabad: Chaos over death of prisoner, relatives surrounded jailor and pushed him, MP Sushil Kumar Singh
पूर्व सांसद ने की घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरंगाबाद मंडल कारा के एक कैदी की गुरुवार को देर रात मौत हो गई। मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह और परिजनों का आरोप है कि कैदी की मौत समय पर इलाज नहीं कराने के कारण हुई है। मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जेल प्रशासन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

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क्या है मामला?
जानकारी के मुताबिक, औरंगाबाद सदर प्रखंड के जम्होर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी रंजीत सिंह हत्या के एक मामले में सजायाफ्ता था। वह वर्ष 2018 से जेल में सजा काट रहा था। गुरुवार को देर रात जेल में ही उसकी तबीयत अचानक से खराब हो गई। हालत भी बिगड़ गई। इसके बाद जेल प्रशासन द्वारा उसे इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल लाया जाने लगा, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि जेल प्रशासन द्वारा इलाज नहीं कराने से कैदी की मौत हुई है।
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अस्पताल आने पर परिजनों ने कैदी को मृत पाया
परिजनों ने कहा कि जेल प्रशासन ने उन्हें फोन कर सूचना दी कि रंजीत सिंह की तबीयत खराब है, आप औरंगाबाद सदर अस्पताल आ जाइए। इनको सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाया जा रहा है। सूचना मिलने पर जब परिजन सदर अस्पताल पहुंचें तो वहां देखा कि रंजीत सिंह को जेल से ही मृत अवस्था में लाया गया था। इससे परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने जेल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए बवाल काटा।
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जेलर से उलझे परिजन, काटा बवाल
मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया के दौरान मौके पर आए जेलर को देखते ही परिजन उनसे उलझ पड़े। जेलर को घेर लिया और उनकी गाड़ी के आगे खड़े हो गए। जेलर के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। वहीं, हंगामे की खबर सुनते ही औरंगाबाद नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह और सर्किल इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार उपाध्याय सदल बल सदर अस्पताल पहुंचे। फिर काफी मशक्कत के बाद जेलर को आक्रोशितों के घेरे से छुड़ाने के बाद उन्हें सुरक्षित मंडल कारा भेजा। 
 
परिजनों की शिकायत पर अस्पताल पहुंचे पूर्व सांसद
इसके बाद परिजनों ने फोन पर इसकी शिकायत औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह से की। उस वक्त पूर्व सांसद पटना में थे। इसके बाद पूर्व सांसद रात में ही सदर अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व सांसद ने कहा कि रंजीत सिंह की मौत को लेकर उन्होंने देर रात ही औरंगाबाद के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराया। साथ ही मामले की उच्च स्तरीय जांच और जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने के परिजनों के आरोप को लेकर प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग की।


उन्होंने कहा कि कैदी ने सीने में दर्द होने की शिकायत की थी। इसके तत्काल बाद कैदी की मौत होना सवालों के घेरे में है। परिजनों के आरोप में दम है और पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित हो। इस मौके पर सदर अस्पताल में सांसद के साथ भाजपा के जिला महामंत्री व अधिवक्ता मुकेश सिंह, जिला मीडिया प्रभारी मितेंद्र कुमार सिंह, पैक्स अध्यक्ष गुंजन सिंह, पूर्व पैक्स अध्यक्ष अरविंद सिंह और सैकड़ों ग्रामीण तथा मृतक के परिजन मौजूद रहे।

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