{"_id":"6594e380fdea098153002ed8","slug":"gaya-meeting-on-january-9-regarding-no-confidence-motion-against-district-council-president-vice-president-2024-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : कुर्सी बचाने के लिए जोड़-तोड़ का खेल शुरू, इनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 9 जनवरी को बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : कुर्सी बचाने के लिए जोड़-तोड़ का खेल शुरू, इनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर 9 जनवरी को बैठक
Wed, 03 Jan 2024 10:03 AM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 03 Jan 2024 10:03 AM IST
सार
जिला परिषद अध्यक्ष उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर बैठक बुलाने की मांग करते हुए 17 पार्षद द्वारा जिला परिषद के प्रधान लिपिक को एक जनवरी को ज्ञापन दिया गया था।
विज्ञापन
गया जिला परिषद।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गया जिला परिषद की अध्यक्षा नैना कुमारी व उपाध्यक्ष डॉ शीतल प्रसाद यादव के खिलाफ 17 पार्षद द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पार्षद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह डीडीसी विनोद दुहन द्वारा 9 जनवरी को बैठक बुलाई गई है। यह जानकारी मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी विनोद दुहन ने दी। उन्होंने बताया कि बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। यदि जरूरत पड़ी तो मतदान कराया जा सकता है।
विज्ञापन
जिला परिषद में कुल सदस्यों की संख्या 46 है
बता दें कि जिला परिषद अध्यक्ष उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर बैठक बुलाने की मांग करते हुए 17 पार्षद द्वारा जिला परिषद के प्रधान लिपिक को एक जनवरी को ज्ञापन दिया गया था। इन पार्षदों की इस मांग पर पार्षद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा 9 जनवरी को बैठक की तिथि निर्धारित की गई है। जानकारी हो कि जिला परिषद में कुल सदस्यों की संख्या 46 है।
विज्ञापन
छह दिन पूरे जिले में राजनैतिक सरगर्मी तेज रहेगी
वर्तमान में अध्यक्ष नैना कुमारी व उपाय उपाध्यक्ष डॉ शीतल प्रसाद यादव को अपनी कुर्सी बचाने के लिए प्रावधान के तहत पूरी संख्या के विपरीत आधे से एक अधिक होना अनिवार्य है। ऐसे में गया जिला परिषद में कम से कम 24 पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। हालांकि, दो साल के कार्यकाल पूरा होने के बाद से ही जिला पार्षदों में तोड़ फोड़ का खेल शुरू हो गया था। अब नौ जनवरी को बैठक बुलाई गई है। यह छह दिन पूरे जिले में राजनैतिक सरगर्मी तेज रहेगी।
विज्ञापन