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बिहार: जीतन राम मांझी का विवादास्पद बयान, बोले- श्रीराम कोई जीवित व्यक्ति थे, ऐसा मैं नहीं मानता

Wed, 22 Sep 2021 01:57 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: देव कश्यप Updated Wed, 22 Sep 2021 01:57 AM IST
सार

जीतन राम मांझी के इस बयान के बाद विवाद शुरू हो गया है। भाजपा ने बिना नाम लिए मांझी को नासमझ तक कह दिया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि राम के अस्तित्व को तो नासा तक ने माना है। जितनी बार पुरातत्व विभाग ने खुदाई की राम के अस्तित्व को स्वीकारा है।

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Former Bihar CM Jitan Ram Manjhi said existence of lord ram imaginary
जीतन राम मांझी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बिहार में अब राम और रामायण को लेकर बहस छिड़ गई है। मध्यप्रदेश की तर्ज पर बिहार के पाठ्यक्रम में भी 'रामायण' की पढ़ाई कराने की मांग की जाने लगी है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बड़ा बयान दे दिया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि श्रीराम कोई जीवित और महापुरुष व्यक्ति थे, ऐसा मैं नहीं मानता, लेकिन रामायण कहानी में जो बातें बताई गई हैं, वो सीखने वाली हैं।

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रामायण कथा में कई श्लोक और संदेश ऐसे हैं, जो लोगों के बेहतर व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक हैं। महिलाओं के सम्मान की बात हो या फिर बड़ों के आदर की बात हो, रामायण शिक्षा देती है। रामायण में शामिल बातों को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए, ताकि लोग इससे शिक्षा लें।
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एनडीए में शामिल जीतन राम मांझी के इस बयान के बाद विवाद शुरू हो गया है। भाजपा ने बिना नाम लिए मांझी को नासमझ तक कह दिया है। भाजपा ने कहा कि जिनको राम के अस्तित्व पर शक है, वो नासमझ हैं।

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मध्यप्रदेश के पाठ्यक्रमों में शामिल होगी रामायण
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में महाभारत और रामायण महाकाव्यों को शामिल करने का निर्णय लिया है। शिवराज सरकार के अनुसार, तकनीकी शिक्षा में सांस्कृतिक सिद्धांतों को जोड़ने के प्रयास के तहत यह निर्णय लिया गया है। ऐसे में भाजपा कोटे से बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, वन व पर्यावरण मंत्री नीरज सिंह बबलू और खान भू-तत्व मंत्री जनक राम भी पाठ्यक्रम में रामायण को शामिल कराने की मांग करने लगे हैं।

 

हालांकि, उनकी मांगों पर शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने ऐसी कोई मांग से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास ऐसा कोई प्रपोजल नहीं आया है, जब प्रपोजल आएगा, तब देखा जाएगा।


 

मांझी के बयान से गुस्से में हैं भाजपा नेता
जीतन राम मांझी के इस बयान के बाद भाजपा में काफी आक्रोश है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि राम के अस्तित्व को तो नासा तक ने माना है। जितनी बार पुरातत्व विभाग ने खुदाई की राम के अस्तित्व को स्वीकारा है। पुरुषोतम राम के व्यक्तित्व से सबको शिक्षा लेनी चाहिए। उसे पाठ्यक्रम में शामिल कराना चाहिए। इशारों-इशारों में जीतन राम मांझी पर हमला करते हुए बिना नाम लिए प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि जिन्होंने अब तक राम को नहीं पढ़ा है, वो नासमझ है। अपनी समझदारी बढ़ाना चाहते हैं, तो रामायण पढ़ें।

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