{"_id":"5d8d995d8ebc3e93df423878","slug":"foreigner-women-performed-tarpan-during-pitru-paksha-in-gaya","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार: विदेशी महिलाओं ने मोक्षभूमि गया में किया पूर्वजों का पिंडदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार: विदेशी महिलाओं ने मोक्षभूमि गया में किया पूर्वजों का पिंडदान
Fri, 27 Sep 2019 10:38 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 27 Sep 2019 10:38 AM IST
विज्ञापन
पिंडदान करतीं विदेशी महिला
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के गया को मोक्षभूमि के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि यहां पर पूर्वजों का पिंडदान करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है। यही कारण है कि विदेशों से भी पूर्वजों की मोक्ष कामना के लिए श्रद्धालु गया पहुंच रहे हैं। गुरुवार को तीन देशों के छह श्रद्धालु पिंडदान करने के लिए पहुंचे।
विज्ञापन
Bihar: Foreigner women performed ‘Tarpan’ (a ritual to offer water & prayers to their ancestors’ soul) during 'Pitru Paksha' in Gaya yesterday. pic.twitter.com/Akxplvp3ga
— ANI (@ANI) September 27, 2019
विज्ञापन
फल्गु नदी के देवघाट पर कर्मकांड और तर्पण किया गया। कर्मकांड की विधि गया के तीर्थ पुरोहित आशीष वचन के बाद हिंदू धर्म प्रचारक लोकनाथ गौड़ ने कराई। सभी श्रद्धालु महिला थीं। लोकनाथ ने बताया कि ये महिला श्रद्धालु इटली, जर्मनी और रुस की हैं। सभी ने देवघाट, विष्णुपद मंदिर परिसर और सूर्यकुंड में कर्मकांड किया।
विज्ञापन
इसके बाद वह शुक्रवार को प्रेतशिला, रामशिला एवं कागबली पिंडवेदी पर कर्मकांड करेंगी। शनिवार को अक्षयवट में सुफल का आशीर्वाद प्राप्त करके अपने-अपने देश लौट जाएंगी। विदेशी श्रद्धालु यूलियाना, एलोनयारा, एलेना, रिटा, सैफिस ने बताया कि उन्हें उनके धर्मगुरु ने पिंडदान का महत्व बताया है। जिसके बाद सभी पिंडदान करने के लिए गया आई हैं।