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Assault Case: बिहार के पूर्व मंत्री समेत 11 को दो साल की कैद, सभी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना
Fri, 02 Sep 2022 09:14 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 02 Sep 2022 09:14 PM IST
सार
25 अक्टूबर 2005 को डुमरांव पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पहलवान डुमरांव से चार बार विधायक रह चुके हैं। वह पहली बार 2000 में निर्दलीय विधायक के रूप में निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए और तत्कालीन राबड़ी देवी सरकार में वित्त मंत्री बने थे।
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पूर्व मंत्री दादन पहलवान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बिहार के बक्सर जिले की एक अदालत ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री ददन पहलवान और दस अन्य को 2005 के एक शारीरिक हमले के मामले में दो साल कैद की सजा सुनाई है।
प्रत्येक दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना
अतिरिक्त लोक अभियोजक सत्य प्रकाश सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि विशेष न्यायाधीश क्षिप्राचला अंजली की सांसद/विधायक अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने पहलवान और दस अन्य को दोषी ठहराया और प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
उच्च न्यायालय में देंगे फैसले को चुनौती: पहलवान के वकील
पहलवान के वकील रामानंद मिश्रा ने कहा, "हम फैसले को पटना उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।" याचिकाकर्ता रामजी सिंह यादव ने दावा किया था कि पहलवान और उनके समर्थकों ने पूर्व मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र डुमरांव में उन्हें मारने के लिए उन पर हमला किया था और वह बाल-बाल बचे थे।
राबड़ी देवी सरकार में रहे वित्त मंत्री
25 अक्टूबर 2005 को डुमरांव पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पहलवान डुमरांव से चार बार विधायक रह चुके हैं। वह पहली बार 2000 में निर्दलीय विधायक के रूप में निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए और तत्कालीन राबड़ी देवी सरकार में वित्त मंत्री बने।
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2015 में जदयू के टिकट पर जीते थे चुनाव
वह 2005 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर फिर से चुने गए। 2010 में वह अखिल जन विकास दल के टिकट पर और 2015 में जदयू के उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे।
पहलवान ने 2020 का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा था, लेकिन वह भाकपा-माले (लिबरेशन) के उम्मीदवार अजीत कुशवाहा से हार गए थे।
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प्रत्येक दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना
अतिरिक्त लोक अभियोजक सत्य प्रकाश सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि विशेष न्यायाधीश क्षिप्राचला अंजली की सांसद/विधायक अदालत (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने पहलवान और दस अन्य को दोषी ठहराया और प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
उच्च न्यायालय में देंगे फैसले को चुनौती: पहलवान के वकील
पहलवान के वकील रामानंद मिश्रा ने कहा, "हम फैसले को पटना उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।" याचिकाकर्ता रामजी सिंह यादव ने दावा किया था कि पहलवान और उनके समर्थकों ने पूर्व मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र डुमरांव में उन्हें मारने के लिए उन पर हमला किया था और वह बाल-बाल बचे थे।
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राबड़ी देवी सरकार में रहे वित्त मंत्री
25 अक्टूबर 2005 को डुमरांव पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पहलवान डुमरांव से चार बार विधायक रह चुके हैं। वह पहली बार 2000 में निर्दलीय विधायक के रूप में निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए और तत्कालीन राबड़ी देवी सरकार में वित्त मंत्री बने।
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2015 में जदयू के टिकट पर जीते थे चुनाव
वह 2005 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर फिर से चुने गए। 2010 में वह अखिल जन विकास दल के टिकट पर और 2015 में जदयू के उम्मीदवार के रूप में चुने गए थे।
पहलवान ने 2020 का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा था, लेकिन वह भाकपा-माले (लिबरेशन) के उम्मीदवार अजीत कुशवाहा से हार गए थे।