फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Erosion started on both banks due to swelling of Bagmati river in Sheohar; crops and valuable trees submerged

Bihar: बागमती नदी के उफनाने से दोनों किनारों पर शुरू हुआ कटाव; किसानों की फसल और बहुमूल्य पेड़ पानी में समाए

Mon, 09 Oct 2023 04:31 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवहर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Mon, 09 Oct 2023 04:31 PM IST
सार

Bagmati River Spate: शिवहर में बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से दोनों किनारों पर तेज कटाव शुरू हो गया है। इस वजह से किसानों की फसल वाली जमीनें और बहुमूल्य पेड़-पौधे नदी में विलीन होते जा रहे हैं। ज्यादा जानकारी के लिए पढ़ें पूरी खबर...।

विज्ञापन
Erosion started on both banks due to swelling of Bagmati river in Sheohar; crops and valuable trees submerged
बागमती नदी उफनाने से तेज हुआ जमीन का कटाव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के शिवहर जिले के बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ ही नदी के दोनों किनारे पर कटाव होने लगा है। कटाव होने से खेती लायक जमीनें नदी की धारा में विलीन होती जा रही हैं। कटाव से रोपी गई धान की फसल सहित अन्य पेड़-पौधे नदी में समाते जा रहे हैं। दरअसल, बागमती नदी के बेलवा घाट से लेकर डुब्बा घाट तक दोनों बागमती तटबंध के अंदर नदी किनारों पर कटाव हो रहा है। खासकर बागमती पुल के पूर्वी दक्षिणी भाग में पिपराही, रतनपुर और उकनी गांव के सीमा क्षेत्र में नदी किनारों पर कटाव तेज हो गया है। इसके अलावा इंद्रवा, दोस्तिया, माधोपुर, पिपराही, रतनपुर, उकनी, मझौरा सहित कई गांवों की खेती लायक जमीनें कटाव से बर्बाद होती जा रही हैं।

विज्ञापन


ये फसलें हो रही बर्बाद
धान की रोपी गई पौध के अलावा केले के पौधे, बांस, शीशम और सेमल के पेड़ देखते ही देखते कटाव से नदी की धारा में विलीन होते जा रहे हैं। कई किसान कटाव से धान की फसल को बर्बाद होता देख पौधों को काटकर मवेशियों के चारा के लिए काटकर ले जा रहे हैं। वहीं, लोगों के सामने ही हजारों रुपये के मूल्य के शीशम और सेमल के पेड़ कटाव से नदी की तेज धारा में बह जा रहे हैं। कटाव से नदी की धारा की चौड़ाई बढ़ती जा रही है। विगत वर्ष नदी उत्तरी भाग में बह रही थी। अब कटाव होने से किसानों की जमीन से होकर बह रही है। इस साल कटाव से दर्जनों किसानों का लाखों का नुकसान हो गया है।
विज्ञापन


स्टेट हाइवे अभी भी बंद
विदित हो कि कुछ जगहों पर नदी के पूर्वी और उत्तरी किनारों पर कटाव हो रहा है। तो कुछ जगहों पर पश्चिमी और दक्षिणी किनारों पर कटाव हो रहा है। बागमती नदी के पिपराही घाट पर बने पुल के पास उत्तरी भाग में भी तेजी से कटाव हो रहा है। उल्लेखनीय है कि बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि और कमी होने यानी दोनों स्थिति में कटाव होने लगता है। इधर, स्टेट हाईवे संख्या 54 के बेलवा घाट में शिवहर-मोतिहारी मार्ग पर से बाढ़ का पानी नीचे उतर जाने के बावजूद कीचड़ बना हुई है। इसके कारण अभी भी यहां से आवागमन ठप है। मालूम हो कि सात अक्टूबर को बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के साथ ही शिवहर-मोतिहारी मार्ग पर बाढ़ का पानी चढ़ गया था। अभी भी कई जगहों पर बने गड्ढों में पानी भरा हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed