कांग्रेस के रुख से परेशानी में पासवान
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लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान को यह समझ नहीं आ रहा है कि कांग्रेस, राजद और उनकी पार्टी के गठजोड़ में शामिल होने को लेकर पसोपेश में क्यों है।
पासवान ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लालू प्रसाद यादव को सजा होने के बाद भी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोजपा का गठजोड़ बरकरार है।
उन्होंने कहा कि राजद और लोजपा यह कहती आई हैं कि बिहार में बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) को हराने के लिए सेक्युलर पार्टियों को एक मंच पर आ जाना चाहिए। लेकिन मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि कांग्रेस हमारे साथ क्यों नहीं आना चाहती।
पासवान से जब यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस का जदयू की ओर झुकाव इसकी वजह है। इस पर उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ कांग्रेस ही बता सकती है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से उनकी यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात नहीं हुई है। हर पार्टी विधानसभा चुनाव में व्यस्त है। जब तक चुनाव खत्म नहीं हो जाते तब तक गठबंधन पर कोई बातचीत मुश्किल है। हालांकि सत्तारूढ़ दल जदयू से किसी गठबंधन की कोई संभावना नहीं है।
पासवान ने कहा कि हम पूरी तरह राजद के साथ हैं, इसलिए 2014 में जदयू के साथ गठजोड़ का सवाल ही पैदा नहीं होता। पासवान से राबड़ी देवी के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजद, लोजपा के साथ अपने गठबंधन की समीक्षा करेगा।
साथ ही उनसे राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह के उस बयान पर भी टिप्पणी करने को कहा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इन सवालों पर पासवान ने कहा कि मुझे यह मालूम नहीं कि ऐसे बयान क्यों आ रहे हैं, लेकिन एक बात साफ है कि राजद और लोजपा का गठजोड़ बरकरार है।