Bageshwar Dham : हिंदू राष्ट्र कैसे बनेगा भारत; पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बिहार का नाम लेकर समझाया
Pandit Dhirendra Shastri ने लोगों से अपील है कि आज एक संकल्प लेकर घर जाना है। जिस दिन इस बिहार के 13 करोड़ में से 5 करोड़ लोग ही अपने मस्तक पर तिलक लगाकर घर से निकलेंगे, उस दिन हिन्दू राष्ट्र का संकल्प पूरा हो जाएगा।
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हिन्दू राष्ट्र को लेकर बागेश्वर धाम वाले बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने फिर से बयान दिया है। इस बिहार से हमारा संकल्प पूरा होता दिख रहा है। बिहार की आबादी लगभग 13 करोड़ है। बाबा ने लोगों से अपील है कि आज एक संकल्प लेकर घर जाना है। जिस दिन इस बिहार के 13 करोड़ में से 5 करोड़ लोग ही अपने मस्तक पर तिलक लगाकर घर से निकलेंगे, उस दिन हिन्दू राष्ट्र का संकल्प पूरा हो जाएगा। साथ ही अपने घर के बाहर धर्म का ध्वज लगा लें। अगर आपके घर के बाहर यह ध्वज रहेगा तो हनुमान जी खुद आपकी रक्षा करेंगे। यह बयान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने तिरेत पाली मठ में मंगलवार दोपहर हनुमंत कथा के दौरान कही।
भाजपा ने कहा- बाबा ने एकदम ठीक कहा
इधर, बागेश्वर धाम वाले बाबा के बयान पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस के नेता इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। भाजपा इसके समर्थन में दिख रही है तो वहीं कांग्रेस नेता विरोध करते दिखे। भाजपा प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि बागेश्वर वाले बाबा ने एकदम ठीक कहा है। अगर आप सनातनी हैं, हिन्दू हैं तो अपने मस्तक पर तिलक लगाएं। तिलक हर हिन्दू को लगाना चाहिए। हमारा कर्तव्य है यह। हमारी परंपरा कहती है। इससे धर्म की रक्षा होगी।
कांग्रेस प्रवक्ता बोले- देश का संविधान बदलना होगा
कांग्रेस प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा कि संविधान ने कहा कि भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र है। जो हिन्दू राष्ट्र की बात कर रहे हैं उन्हें संविधान बदलना होगा। तिलक लगाने से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन तिलक लगाकर संविधान के विरुद्ध बात करें तो यह गलत होगा।
जदयू मुख्य प्रवक्ता बोले- हिन्दू राष्ट्र की बात करने वाले संविधान पढ़ लें
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि हिन्दू राष्ट्र की बात करने वाले भारत का संविधान पढ़ लें। हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है। यह बात हम नहीं संविधान कहती है। ऐसे विषय पर देश के संविधान को अधिकार दिया गया। धर्म गुरुओं को ऐसे विषयों पर बोलने का अधिकार नहीं है। हिन्दू राष्ट्र पर बोलने से पहले पहले पहले संसद में जाएं फिर ऐसा बयान दें।