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Sawan 2023: सिंहेश्वर में पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, दो बजे ही खोले गए बाबा के गर्भ गृह के पट
Mon, 10 Jul 2023 03:34 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Mon, 10 Jul 2023 03:34 PM IST
सार
Sawan 2023: सिंहेश्वर धाम में गर्भ गृह के पट खुलने से पहले और पट खुलने के बाद बोल बम व हर हर महादेव की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गुंज उठा। उससे बाबा मंदिर परिसर सहित पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। दूर-दराज और कई स्थानीय श्रद्धालु बाबा मंदिर पहुंचने के साथ ही शिवगंगा पर लगे झरने और शिवगंगा में डुबकी लगा कर पूजा-अर्चना करने में जुटे रहे।
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बाबा के दर्शन करने जाते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Sawan 2023: भोले की नगरी सिंहेश्वर धाम में पहली सोमवारी की अहले सुबह से अब तक लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं का रविवार देर रात से ही छोटी-बड़ी गाड़ियों में भर-भर कर आना शुरू हो गया। भीड़ ज्यादा होने की आशंका को देखते हुए पंक्तिबद्ध भक्तों के लिए बाबा के गर्भ गृह के पट लगभग दो बजे ही एसडीओ सह सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति के सचिव धीरज कुमार सिन्हा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजय नारायण यादव सहित अन्य की मौजूदगी में सरकारी पूजा के बाद खोल दिए गए।
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गर्भ गृह के पट खुलने से पहले और पट खुलने के बाद बोल बम व हर हर महादेव की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गुंज उठा। उससे बाबा मंदिर परिसर सहित पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। दूर-दराज और कई स्थानीय श्रद्धालु बाबा मंदिर पहुंचने के साथ ही शिवगंगा पर लगे झरने और शिवगंगा में डुबकी लगा कर पूजा-अर्चना करने में जुटे रहे। जबकि कई श्रद्धालुओं ने स्थानीय पुजारी द्वारा जल-फूल का संकल्प करा कर पूजा- अर्चना करवाई। पूजा के दौरान श्रद्धालु नंदी भगवान से आशीर्वाद मांगने से नहीं चूके। गर्भ गृह के पट खुलने के बाद से सुबह लगभग सात बजे तक श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा रही। हालांकि श्रद्धालुओं की भीड़ नियंत्रण में रही।
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बाबा मंदिर के आगे बैरिकेडिंग के ऊपर न्यास समिति के द्वारा लगाए गए भव्य पंडाल की वजह से श्रद्धालुओं को काफी राहत मिली, क्योंकि पंडाल में बरसात से तो बचा जा ही सकता है। इसमें गर्मी से बचने के लिए कई पंखे भी लगाए गए हैं।
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देवाधिदेव महादेव की नगरी और मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए जिले के आलाधिकारी सहित कई पदाधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए थे। पूरे क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर तैनात पुलिस बल के साथ एक दण्डाधिकारी और एक पुलिस पदाधिकारी को तैनात किया गया है। वहीं, मंदिर परिसर में भी दर्जनों अधिकारी सहित जिले के वरीय पदाधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो इसके लिए कई सीसीटीवी कैमरों से निगरानी न्यास के नियंत्रण कक्ष से मॉनिटर किया जा रहा है। मंदिर परिसर में पर्याप्त महिला और पुरुष पुलिस बल को तैनात किया गया है। जबकि इस दौरान स्थानीय युवकों ने भी स्थिति को संभाले रखा। देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना के लिए लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल टीम मंदिर परिसर में कैंप कर रही है।
बाबा सिंहेश्वर नाथ का जलाभिषेक करने के लिए विभिन्न घाटों से लगभग पांच सौ से ज्यादा डाक बम अहले सुबह से ही पहुंचते रहे। डाक बम में खासकर स्थानीय सहित गौरीपुर, पटोरी, मनहरा, पतरघट, सहरसा, सिहपुर, कुमारखंड, नवगछिया, महिषी सहित अन्य जगहों के महिला, पुरूष और बच्चे शामिल रहे। वहीं, डाक बम पूर्व की तरह ही मंदिर के मेन गेट से ही प्रवेश करते रहे। हालांकि इनका प्रवेश किसी भी रास्ते से हो सकता था। वहीं, डाक बम के लिए मंदिर न्यास समिति सहित स्थानीय संस्था श्रृंगी ऋषि सेवा फाउंडेशन के द्वारा श्रद्धालु के लिए नींबू पानी, ग्लुकोज पानी, गरम पानी, ठंडा तेल सहित आवश्यक चीजों की व्यवस्था की गई थी। डाक बम की पूजा अर्चना करने के बाद स्थानीय लोग उनकी ठंडे तेल से मालिश करने, पानी पिलाने सहित उनके दुख को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करने में जुटे हैं।
सावन की पहली सोमवारी होने के कारण पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी पहली सावन की सोमवारी में काफी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज की।