बिहार: वैशाली एक्सप्रेस के सेकेंड एसी कोच में महिला से 5.10 लाख के गहनों की लूट, मोबाइल डाटा खंगाल रही पुलिस
समस्तीपुर जंक्शन से वैशाली एक्सप्रेस के खुलते ही सेकेंड एसी कोच में महिला यात्री से सात-आठ युवकों ने करीब 5.10 लाख रुपये के गहने छीन लिए। गाजियाबाद जीआरपी में प्राथमिकी के बाद जीरो एफआईआर समस्तीपुर भेजी जा रही है। रेल पुलिस सीसीटीवी और मोबाइल डाटा खंगाल रही है।
विस्तार
समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-7 से वैशाली एक्सप्रेस के खुलते ही सेकेंड एसी कोच में महिला यात्री से करीब 5.10 लाख रुपये के गहने छीनने का मामला सामने आया है। महिला ने सात-आठ युवकों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है। घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है।
महिला अपने पति, जो वरिष्ठ पत्रकार हैं, के साथ समस्तीपुर से गाजियाबाद जा रही थी। मामले में गाजियाबाद जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। चूंकि घटना समस्तीपुर रेल क्षेत्र से जुड़ी है, इसलिए गाजियाबाद जीआरपी से जीरो एफआईआर समस्तीपुर जीआरपी भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ट्रेन खुलते ही कोच में घुसे सात-आठ युवक
पीड़िता के अनुसार, समस्तीपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-7 से वैशाली एक्सप्रेस के खुलते ही करीब सात-आठ युवक धक्का-मुक्की करते हुए सेकेंड एसी कोच में घुस आए। कुछ युवक बाथरूम की ओर बढ़े और महिला को वहां घेर लिया।
महिला का आरोप है कि युवकों ने उसके पति को भी कोच के गेट के पास रोक दिया। इसके बाद उसके साथ बदसलूकी करते हुए गले से सोने की चेन और उसमें लगा हीरे का पेंडेंट छीन लिया। वारदात के बाद सभी युवक बगल के कोच की ओर भाग निकले। अचानक हुई घटना से महिला और उसका पति सकते में आ गए।
टीटीई को दी सूचना, रेल मदद पर भी शिकायत
पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद उसने ट्रेन में मौजूद टीटीई को इसकी जानकारी दी, लेकिन तत्काल मदद नहीं मिल सकी। इसके बाद उसने रेलवे के रेल मदद ऐप पर भी शिकायत दर्ज कराई। इसके माध्यम से रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों तक घटना की सूचना पहुंची।
गाजियाबाद पहुंचकर दर्ज कराई प्राथमिकी
समस्तीपुर से ट्रेन खुलने के बाद हुई घटना के बाद पीड़िता ने गाजियाबाद जंक्शन पहुंचकर जीआरपी में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस को दिए आवेदन में उसने छीने गए गहनों की कीमत करीब 5.10 लाख रुपये बताई है। गाजियाबाद जीआरपी से अब जीरो एफआईआर समस्तीपुर रेल थाना भेजी जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही रेल पुलिस
रेल एसपी वीणा कुमारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में स्नेचिंग की बात सामने आई है। पुलिस समस्तीपुर जंक्शन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। ट्रेन के प्लेटफॉर्म से खुलने के दौरान एसी कोच के आसपास मौजूद लोगों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उपलब्ध फुटेज के आधार पर शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
मोबाइल डाटा से भी आरोपितों की तलाश
रेल पुलिस आरोपितों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज के अलावा मोबाइल डाटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरपीएफ और जीआरपी भी संदिग्धों की पहचान के प्रयास में जुटी हैं। जीरो एफआईआर समस्तीपुर पहुंचने के बाद स्थानीय स्तर पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसी कोच की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद ट्रेन के सेकेंड एसी जैसे आरक्षित कोच में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सात-आठ युवक एसी कोच तक कैसे पहुंचे और वारदात के बाद वहां से निकलने में कैसे सफल हुए। फिलहाल रेल पुलिस आरोपितों की पहचान में जुटी है।