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Bihar News: फर्जी आधार कार्ड रैकेट का खुलासा, दरभंगा से पकड़ाया आरोपी, 2024 में भी हो चुकी है गिरफ्तारी
Thu, 30 Apr 2026 09:21 AM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 09:21 AM IST
सार
दरभंगा में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले बड़े साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है, जहां बक्सर पुलिस ने बिरौल थाना की मदद से आरोपी फूलहसन को गिरफ्तार किया है। उसके पास से लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट मशीन और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनसे वह नाम, पता और जन्मतिथि बदलकर आधार तैयार करता था।
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बिरौल थाना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोजपुर में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने के मामले में हुई कार्रवाई का तार अब दरभंगा से जुड़ गया है। बक्सर पुलिस ने बिरौल थाना के सहयोग से सीएसपी सेंटर चलाकर फर्जी आधार बनाने वाले आरोपी फूलहसन को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है।
लैपटॉप, प्रिंटर और बायोमेट्रिक मशीन बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट मशीन, स्कैनर सहित कई उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा जन्मतिथि, नाम और पता बदलने से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार फूलहसन पूरे साइबर गिरोह का मास्टरमाइंड है।
बक्सर से मिली थी अहम जानकारी
इससे पहले बक्सर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने फूलहसन का नाम बताया, जिसके बाद बक्सर पुलिस दरभंगा पहुंची और बिरौल थाना की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया।
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2024 में भी हो चुकी है गिरफ्तारी
बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में बिरौल के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी उमेश भारती के समय भी आरोपी के कोठी पुल स्थित सीएसपी सेंटर पर फर्जी आधार कार्ड बनाने और जन्मतिथि में बदलाव की शिकायत मिली थी। उस समय कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया था।
अधिकृत आईडी का दुरुपयोग कर बनाते थे फर्जी आधार
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र के लॉगिन आईडी, ऑपरेटर आईडी और बायोमेट्रिक पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बना रहे थे। इसके साथ ही जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट भी अवैध रूप से किया जाता था। इस काम के एवज में सीएसपी संचालक गरीब लोगों से 5,000 से लेकर 25,000 रुपये तक वसूलते थे। इस तरह यह गिरोह लंबे समय से लोगों को ठग रहा था।
पुलिस की अपील और जांच जारी
बिरौल के इंस्पेक्टर अमृत लाल वर्मन ने बताया कि बक्सर पुलिस के साथ मिलकर फूलहसन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आधार से जुड़े किसी भी काम के लिए केवल अधिकृत केंद्रों पर ही जाएं।
पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन परिवारों के भरोसे पर हमला है जो आधार कार्ड को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं। फिलहाल जांच जारी है कि इस गिरोह का असली मास्टरमाइंड कौन है और कहां से इस नेटवर्क को संचालित किया जा रहा है।
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लैपटॉप, प्रिंटर और बायोमेट्रिक मशीन बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगरप्रिंट मशीन, स्कैनर सहित कई उपकरण बरामद किए हैं। इसके अलावा जन्मतिथि, नाम और पता बदलने से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार फूलहसन पूरे साइबर गिरोह का मास्टरमाइंड है।
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बक्सर से मिली थी अहम जानकारी
इससे पहले बक्सर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उन्होंने फूलहसन का नाम बताया, जिसके बाद बक्सर पुलिस दरभंगा पहुंची और बिरौल थाना की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया।
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2024 में भी हो चुकी है गिरफ्तारी
बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में बिरौल के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी उमेश भारती के समय भी आरोपी के कोठी पुल स्थित सीएसपी सेंटर पर फर्जी आधार कार्ड बनाने और जन्मतिथि में बदलाव की शिकायत मिली थी। उस समय कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया था।
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अधिकृत आईडी का दुरुपयोग कर बनाते थे फर्जी आधार
जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अधिकृत आधार पंजीकरण केंद्र के लॉगिन आईडी, ऑपरेटर आईडी और बायोमेट्रिक पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बना रहे थे। इसके साथ ही जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक अपडेट भी अवैध रूप से किया जाता था। इस काम के एवज में सीएसपी संचालक गरीब लोगों से 5,000 से लेकर 25,000 रुपये तक वसूलते थे। इस तरह यह गिरोह लंबे समय से लोगों को ठग रहा था।
पुलिस की अपील और जांच जारी
बिरौल के इंस्पेक्टर अमृत लाल वर्मन ने बताया कि बक्सर पुलिस के साथ मिलकर फूलहसन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि आधार से जुड़े किसी भी काम के लिए केवल अधिकृत केंद्रों पर ही जाएं।
पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन परिवारों के भरोसे पर हमला है जो आधार कार्ड को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं। फिलहाल जांच जारी है कि इस गिरोह का असली मास्टरमाइंड कौन है और कहां से इस नेटवर्क को संचालित किया जा रहा है।