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DMCH में मरीज की मौत के बाद बवाल: जूनियर डॉक्टरों पर परिजन को पीटने का आरोप, डेढ़ घंटे ठप रही इमरजेंसी सेवा
Wed, 17 Jun 2026 07:27 PM IST
दरभंगा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
Published by: दरभंगा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 07:27 PM IST
सार
दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में महिला मरीज की मौत के बाद परिजनों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद हिंसक हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और एक परिजन को कमरे में बंद कर पीटने का आरोप लगाया है।
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दरभंगा मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल डीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में महिला मरीज की मौत के बाद जूनियर डॉक्टरों और मरीज के परिजनों के बीच जमकर मारपीट हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि जूनियर डॉक्टरों ने एक परिजन को कमरे में बंद कर उसकी पिटाई की। घटना की जानकारी मिलने पर पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। पुलिस ने बंद कमरे में मौजूद परिजन को बाहर निकाला। घटना के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान करीब एक से डेढ़ घंटे तक मरीजों का इलाज प्रभावित रहा। बताया जाता है कि मरीज बबीता देवी इमरजेंसी विभाग के कमरा नंबर-4 में भर्ती थीं, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों और डॉक्टरों के बीच विवाद बढ़ गया।
मरीज की मौत के बाद शुरू हुआ हंगामा
बताया जाता है कि एपीएम थाना क्षेत्र के बलहा गांव निवासी बबीता देवी का इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि बार-बार बुलाने के बावजूद डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आ रहे थे, जिसके कारण उसकी जान चली गई।
बहस से मारपीट तक पहुंचा मामला
हंगामा बढ़ने के दौरान कुछ जूनियर डॉक्टरों और परिजनों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टरों ने एक परिजन को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट की।
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पांच थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही मरीज के अन्य परिजन भी अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे। अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने बंद कमरे में मौजूद परिजन को बाहर निकाला और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
डेढ़ घंटे प्रभावित रही इमरजेंसी सेवा
हंगामे और विवाद के कारण करीब एक से डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी वार्ड की सेवाएं प्रभावित रहीं। इस दौरान इलाज के लिए पहुंचे कई मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।इस संबंध में बेंता थानाध्यक्ष ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और परिजनों को शांत कराया। शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मरीज की मौत के बाद शुरू हुआ हंगामा
बताया जाता है कि एपीएम थाना क्षेत्र के बलहा गांव निवासी बबीता देवी का इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि बार-बार बुलाने के बावजूद डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आ रहे थे, जिसके कारण उसकी जान चली गई।
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बहस से मारपीट तक पहुंचा मामला
हंगामा बढ़ने के दौरान कुछ जूनियर डॉक्टरों और परिजनों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टरों ने एक परिजन को पकड़कर कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट की।
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पांच थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही मरीज के अन्य परिजन भी अस्पताल पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे। अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने बंद कमरे में मौजूद परिजन को बाहर निकाला और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
डेढ़ घंटे प्रभावित रही इमरजेंसी सेवा
हंगामे और विवाद के कारण करीब एक से डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी वार्ड की सेवाएं प्रभावित रहीं। इस दौरान इलाज के लिए पहुंचे कई मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।इस संबंध में बेंता थानाध्यक्ष ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और परिजनों को शांत कराया। शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।