बिहार में नाबालिग को ले भागा कांग्रेस विधायक
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बिहार में सत्तारूढ़ महागठबंधन में राजद और जदयू के बाद अब कांग्रेस विधायक ने राज्य सरकार को असहज कर दिया है। ताजा मामला कांग्रेस के विधायक सिद्धार्थ का है, जिन पर एक नाबालिग लड़की को भगाने का आरोप लगा है।
इस मामले में विधायक के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया गया है। इस घटना ने एक बार फिर भाजपा को महागठबंधन पर हमला बोलने का मौका दे दिया है।
बिक्रम से कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधायक बने सिद्धार्थ पर जिस लड़की को भगाने का आरोप लगा है, उसकी उम्र महज 17 साल बताई जा रही है। पटना के प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. उत्पलकांत के बेटे सिद्धार्थ एक माह पहले भी इस लड़की को पटना के एक हॉस्टल से लेकर फरार हो गए थे।
उस वक्त सिटी एसपी ने लड़की को मुक्त कराया था। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है। दर्ज प्राथमिकी में परिजनों ने बताया है कि बृहस्पतिवार की सुबह विधायक दो स्कॉर्पियो से मसौढ़ी के सोनकुकरा मोहल्ला स्थित उनके घर पहुंचा और लड़की को स्कॉर्पियो पर बिठा लिया और चलता बना।
विधायक की हरकत से महागठबंधन असहज, विपक्ष हमलावर
परिजनों के विरोध करने पर विधायक ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। सूत्रों की मानें तो चुनाव के दौरान विधायक की मुलाकात इस लड़की से हुई थी।
वैसे सिद्धार्थ का विवादों से पुराना नाता है। महज नौवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान सिद्धार्थ के ऊपर हत्या जैसे संगीन अपराध का केस दर्ज हुआ था। इस मामले में वह सजा भी काट चुका है।
इसके अलावा भी सिद्धार्थ पर पहले से तीन केस दर्ज हैं। अपहरण के इस मामले में मसौढ़ी पुलिस ने विधायक और उसके अन्य साथियों की तलाशी शुरू कर दी है। इधर, इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है।
भाजपा प्रवक्ता विनोद नारायण झा ने कहा है कि राज्य में अब किसी की बेटी सुरक्षित नहीं है। जबकि जदयू का दावा है कि कानून सबके लिए बराबर है और मामले में दोषी पाए जाने पर विधायक पर कार्रवाई होगी।