'झूठे सपने दिखाकर सत्ता तो मिल गई, अब चला नहीं पा रहे'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। नीतीश ने कहा है कि भाजपा केंद्र में सरकार नहीं चला पा रही है और जनता से किए वादे पूरा नहीं कर पाने की वजह से नर्वस हो गई है। कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि झूठे सपने दिखा कर आपने सत्ता तो पा ली और अब सरकार नहीं चला पा रहे हैं।
नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को रविंद्र भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनका सहायतावाद सामने आने लगा है। उन्होने कहा कि मानवता के नाम पर गैरकानूनी तरीके से की गई सहायता को जायज नहीं ठहराया जा सकता। जनता सब देख रही है, समझ रही है। नीतीश ने कहा कि केंद्र सरकार के घोटाले नहीं करने की कलई खुलने लगी है और इसमें रोज नए अध्याय जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में पीएम का मौन उनकी स्वीकृति का परिचायक है।
नीतीश ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की आपातकाल संबंधी चिंता को जायज ठहराते हुए कहा कि इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नर्वस है और नर्वसनेस की शिकार सरकार कुछ भी कर सकती है। भाजपा नेताओं की भाषाशैली और शब्दों से इसका बखूबी एहसास हो रहा है।
एक सवाल के जवाब में नीतीश ने कहा कि आजकल ‘बीएसएनएल’ का मतलब ‘भाई साहब नहीं लगेगा’ हो गया है। अगर मंत्री इसको ठीक नहीं करेंगे, तो लोग उनको कॉल ड्रॉप मंत्री कहेंगे। योग पर अमित शाह के बिहार आने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योग दिखावा की वस्तु नहीं है। यह खुद करने की चीज है।
किसान एक ही जाति है
नीतीश कुमार ने कहा है कि किसान की एक ही जाति है और लोग इन्हें अलग-अलग जातियों में बांट कर सत्ता पाने में लगे हुए हैं। जमीन अधिग्रहण के खिलाफ बृहस्पतिवार को रविंद्र भवन में आयोजित जदयू के किसान सम्मेलन में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को एकजुट होकर इस कानून का विरोध करना होगा।
किसानों की जमीन लेने के लिए केंद्र सरकार ने संसदीय समिति की रिपोर्ट तक का इंतजार नहीं किया और अध्यादेश पर अध्यादेश ला रही है। नीतीश ने कहा कि वो बिहार में इस कानून को लागू नहीं करेंगे। हमारा विकास कृषि आधारित विकास ही होगा। अपनी योजनाओं की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि उनका एक ही सपना है कि हिंदुस्तान की हर थाली में कम से कम एक व्यंजन बिहार का हो और इस सपने को पूरा करने के लिए वह सतत काम कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्र की किसान विरोधी नीतियों को गांव-गांव पहुंचाने की बात कही और दावा किया कि प्रदेश में भाजपा की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने बिहार में भाजपा के अभियान को फ्लॉप करार दिया। उन्होंने कहा कि हालत यह है कि भाजपा के लोग आपस में बैठ कर एक नेता तक तय नहीं कर सकते।