Sanjay Singh Minister: राजद के गढ़ में उसे हराया, तेज प्रताप को भी पछाड़ा; चिराग ने संजय सिंह को चुना मंत्री
लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के टिकट पर पहली बार विधायक बने संजय सिंह को सीधे मंत्री की कुर्सी मिली है। महुआ में राजद के गढ़ में दो धुरंधरों को पछाड़ कर वे यहां से विधायक चुने गए हैं।
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वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीते संजय सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली। बता दें कि संजय सिंह पहली बार महुआ सीट से तेज प्रताप यादव और मौजूदा विधायक मुकेश रोशन को हराकर विधायक बने हैं। संजय सिंह लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के टिकट पर पहली बार विधायक बने हैं तो उनके मंत्री बनने की चर्चा पहले से ही चल रही थी। संजय चिराग पासवान के काफी करीबी माने जाते हैं। बता दें कि संजय चिराग पासवान की पार्टी के संसदीय बोर्ड के नेता भी रह चुके हैं और स्वर्गीय केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भी करीबी माने जाते थे। अब उन्हें नीतीश कैबिनेट में मंत्री पद मिला है।
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साल 2020 में जब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने पूरे बिहार में अकेले चुनाव लड़ा था, तब भी महुआ सीट से संजय सिंह को टिकट दिया गया था। उस चुनाव में राजद के मुकेश रोशन विधायक चुने गए थे लेकिन 2025 में दोबारा चिराग पासवान की पार्टी से चुनाव लड़ते हुए संजय सिंह पहली बार विधायक बने, जिसके बाद महुआ क्षेत्र में कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल है।
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संजय सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कुल 87641 वोट प्राप्त हुआ था राजद के उम्मीदवार मुकेश रोशन से 44997 मत ज्यादा लाकर विधायक बने हैं। बता दे कि वैशाली जिला के महुआ विधानसभा सीट पर हर दम राजद का कब्जा रहा है। लालू प्रसाद यादव भी अपने बड़े लाल तेज प्रताप यादव को महुआ विधानसभा सीट पर 2015 में राजद के टिकट पर चुनाव लड़ाया था तब तेज प्रताप यादव विधानसभा पहुंचे थे। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में यह सीट काफी चर्चा में रही। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव इस बार चुनावी मैदान में नहीं थे। लेकिन 2020 के चुनाव में RJD JDU, LJP लोजपा उम्मीदवार की एंट्री ने समीकरण को बदल दिया, जिससे जदयू को बड़ा नुकसान हुआ था और RJD को लाभ मिला था।
महुआ सीट पर यादव मुस्लिम और अन्य पिछड़े वर्ग (OBC) की निर्णायक भूमिका रहती है। राजद ने 2015 और 2020 में इस समीकरण का पूरा लाभ उठाया। वहीं जदयू को 2010 में सत्ता में रहने का फायदा मिला था। इस बार जेडीयू लोजपा एक साथ लड़ने से और राजद और तेज प्रताप यादव अलग-अलग लड़ने से NDA को फायदा हुआ और संजय सिंह ने महुआ से चुनाव जीत कर अब नीतीश कैबिनेट में अपनी जगह बना ली है।
इनपुट : अभिषेक कुमार, वैशाली