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Hindi News ›   Bihar ›   CARDICON 2026 Begins in Patna Today, 500 Cardiologists to Attend 32nd Annual Conference

बिहार: पटना में आज से शुरू होगा कार्डिकॉन 2026, 500 हृदय रोग विशेषज्ञ जुटेंगे; जानिए क्या-क्या खास होगा?

Fri, 30 Oct 2026 09:31 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Fri, 30 Oct 2026 09:31 AM IST
सार

पटना में आज से कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई), बिहार चैप्टर का 32वां वार्षिक सम्मेलन कार्डिकॉन 2026 शुरू हो रहा है। इसमें देशभर के करीब 500 हृदय रोग विशेषज्ञ, कार्डियक सर्जन और चिकित्सक शामिल होंगे। आइये जानते हैं विशेषज्ञ क्या-क्या चर्चा करेंगे?

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CARDICON 2026 Begins in Patna Today, 500 Cardiologists to Attend 32nd Annual Conference
हृदय रोग विशेषज्ञों का जुटान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में हृदय रोगों की रोकथाम और आधुनिक उपचार तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पटना में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (सीएसआई), बिहार चैप्टर का 32वां वार्षिक सम्मेलन कार्डिकॉन 2026 आयोजित किया जा रहा है।  होटल मौर्या में 30 अक्तूबर से शुरू होने वाले इस सम्मेलन का मुख्य आयोजन 31 अक्तूबर और एक नवंबर को होगा। इस वर्ष सम्मेलन की थीम 'प्रिवेंशन टू इंटरवेंशन' (रोकथाम से उपचार तक) रखी गई है। सीएसआई बिहार चैप्टर के अध्यक्ष एवं एम्स पटना के कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभागाध्यक्ष और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि इसमें बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 500 हृदय रोग विशेषज्ञ, कार्डियक सर्जन और सामान्य चिकित्सक हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का शुभारंभ 31 अक्तूबर को शाम चार बजे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत करेंगे। इस दौरान हृदय रोगों की शुरुआती पहचान, आधुनिक उपचार पद्धतियों, जटिल एंजियोप्लास्टी, हार्ट फेल्योर, हार्ट सर्जरी और हृदय रोगों से बचाव के उपायों पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। खास बात यह है कि बिहार काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन ने सम्मेलन को डॉक्टरों के लिए आठ सीएमई क्रेडिट आवर्स की मान्यता दी है।

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नवजात बच्चों के हृदय उपचार पर विशेष व्याख्यान
आयोजन अध्यक्ष और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बीबी भारती ने बताया कि सम्मेलन के वैज्ञानिक कार्यक्रम में नवजात शिशुओं के हृदय रोगों के उपचार पर विशेष सत्र आयोजित होगा। इसमें प्रतिष्ठित डॉ. एके ठाकुर मेमोरियल ओरेशन दिया जाएगा। इसे बेंगलुरु की बाल हृदय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. आईबी विजयलक्ष्मी प्रस्तुत करेंगी। इसके अलावा सीएसआई बिहार चैप्टर के वरिष्ठ संरक्षक डॉ. यूसी सामल और डॉ. एसएस चटर्जी को उनके चिकित्सा क्षेत्र में आजीवन योगदान के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान दिया जाएगा।
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देशभर के विशेषज्ञ साझा करेंगे आधुनिक उपचार तकनीक
सीएसआई बिहार चैप्टर के सचिव और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक सत्रों में देश के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ जटिल हृदय रोगों के उपचार और आधुनिक तकनीकों पर व्याख्यान देंगे। एम्स नई दिल्ली के डॉ. राकेश यादव और लखनऊ के डॉ. ऋषि सेठी जटिल एंजियोप्लास्टी और इमेजिंग आधारित उपचार तकनीकों पर चर्चा करेंगे। वहीं, कोलकाता के डॉ. दिलीप कुमार कैल्शियम की अधिकता के कारण जटिल हुई एंजियोप्लास्टी के उपचार की तकनीकों की जानकारी देंगे। एम्स नई दिल्ली के डॉ. एस. रामकृष्णन जन्मजात हृदय रोगों के उपचार के सही समय पर चर्चा करेंगे। हार्ट फेल्योर और सर्जरी से जुड़े सत्र में कोलकाता के डॉ. सौमित्र रे और दिल्ली के डॉ. विवेक कुमार शामिल होंगे। बेंगलुरु के कार्डियक सर्जन डॉ. सीएस हिरेमठ भारत में हार्ट वाल्व बैंक के विकास पर जानकारी देंगे। वहीं, डॉ. एसके सिन्हा बीटिंग हार्ट और ऑन-पंप बाईपास सर्जरी के परिणामों का विश्लेषण करेंगे।
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युवाओं में बढ़ते हृदय रोग और बचाव पर भी चर्चा
वैज्ञानिक समिति के अध्यक्ष और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि सम्मेलन में हृदय रोगों से बचाव और जीवनशैली में बदलाव पर भी विशेष जोर रहेगा। दिल्ली के डॉ. मोहित गुप्ता और सीएमसी वेल्लोर के पूर्व निदेशक डॉ. सुनील थॉमस चांडी भारत में गैर-संचारी रोगों के तेजी से बढ़ने के कारणों पर चर्चा करेंगे। सीएमसी वेल्लोर के कार्डियोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. जैकब जोस शुरुआती कोरोनरी आर्टरी डिजीज में कैल्सीफिकेशन की भूमिका बताएंगे। इसके अलावा अचानक कार्डियक डेथ, हार्ट रिदम की गड़बड़ी और आधुनिक पेसिंग तकनीकों पर भी विशेषज्ञ अपनी राय रखेंगे। हाई रिस्क कार्डियो-ऑब्स्टेट्रिक्स के सत्र में लखनऊ की डॉ. रूपाली खन्ना और नोएडा के डॉ. शुभेंदु मोहंती गर्भवती महिलाओं में हृदय रोगों से जुड़ी जटिलताओं और सावधानियों पर चर्चा करेंगे।


पीजी छात्रों के लिए भी विशेष सत्र
कार्डिकॉन 2026 में स्नातकोत्तर (पीजी) मेडिकल छात्रों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें वरिष्ठ परीक्षक और राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ छात्रों को हृदय रोगों के निदान और उपचार से जुड़ी जानकारी देंगे। बिहार के वरिष्ठ चिकित्सक भी अपने व्याख्यान और केस प्रेजेंटेशन के माध्यम से अनुभव साझा करेंगे। आयोजन सचिव डॉ. विपिन कुमार के अनुसार, इस सम्मेलन का उद्देश्य स्थानीय चिकित्सकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो रही आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से जोड़ना है। इससे राज्य में हृदय रोगों की बेहतर पहचान, समय पर उपचार और चिकित्सा सेवाओं में सुधार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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