बीजेपी ने नहीं माना चुनाव आयोग का आदेश, फिर निकाला विज्ञापन
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बिहार चुनाव के आखिर दौर से एक दिन पहले बीजेपी ने 'बीफ' पर एक विज्ञापन निकाला था, जिसमें नीतीश कुमार पर हमला किया गया था। बीजेपी की तरफ से निकाले गए इस विज्ञापन पर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपने हुए निर्देश दिया था कि बिना चुनाव आयोग की अनुमति के कोई विज्ञापन प्रकाशित न किया जाए।
इसके बावजूद आज बिहार चुनाव के आखिरी चरण के दिन भी बीजेपी ने एक विज्ञापन निकाला है, जिसमें लिखा गया है- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नाम से कुछ संस्थानों पर हमारे हताश राजनीतिक विरोधियों द्वारा फर्जी पर्चा छपा कर किसी उम्मीदवार के पक्ष में वोट डालने की अपनी की गई है।
विज्ञापन में आगे लिखा है कि आरएसएस की तरफ से ऐसा कोई पर्चा नहीं छपवाया गया है। इसे छपवाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विज्ञापन में लोगों से अपील की गई है कि ऐसे किसी पर्चे के बहकावे में न आएं और भारी संख्या में मतदान के लिए घरों से निकलें।
विज्ञापन के नीचे बीजेपी का चुनाव चिन्ह कमल बना हुआ है, जिस पर लिखा है कि कमल का बटन दबाएं। साथ ही बीजेपी का बिहार चुनाव को लेकर नारा 'बदलिए सरकार, बदलिए बिहार' भी लिखा गया है।
इससे पहले बीफ पर निकाला था विज्ञापन
इससे पहले चुनाव के एक दिन पहले बीजेपी ने 'बीफ' को लेकर एक विज्ञापन निकाला था। इस विज्ञापन में नीतीश कुमार पर हमला करते हुए उनकी खामोशी को आड़े हाथ लिया था। इसमें नीतीश को उनके महागठबंधन साथियों की तरफ से बीफ (गाय के मांस) को लेकर दिए गए बयानों को लेकर लताड़ा था।
विज्ञापन में एक महिला को गाय को गले लगाए हुए दिखाया गया था। विज्ञापन में बीजेपी ने कहा था कि नीतीश कुमार अपने साथियों की तरफ से गाय की बार बार बेज्जती पर कुछ कहते क्यों नहीं? पूरे विज्ञापन में बीफ शब्द को लाल रंग से हाइलाइट किया गया था। इस विज्ञापन को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया जा रहा है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी इसे ट्विटर पर शेयर किया है।