विवादित बयान पर गिरिराज को अग्रिम जमानत
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'पाकिस्तान परस्त' वाले बयान पर बिहार बीजेपी के नेता गिरिराज सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई है। उन्होंने गुरूवार को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था।
उन्होंने अपने आवेदन में कहा था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। वे अपने बयान से मुकर गए और कहा कि उन्होंने कभी ऐसा कोई बयान दिया ही नहीं।
उन्होंने ये भी कहा कि मैंने चुनाव आयोग को भी 21 अप्रैल को ही जवाब भेज दिया है। उनके खिलाफ पटना हवाई अड्डा थाने में 18 अप्रैल को एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
पुलिस को मिल नहीं रहे गिरिराज
गुरूवार को पुलिस जब गिरिराज को ढूंढने और गिरफ्तार करने के लिए उनके घर पहुंची तो वो उनको वहां नहीं मिले। कहा जा रहा था कि गुरुवार को ही कोर्ट में आत्मसमर्पण करेंगे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
इसके बाद कयास लगाए गए कि वो शुक्रवार को सरेंडर करेंगे लेकिन उन्होंने अग्रिम जमानक याचिका दायर कर दी। अब उनको कोर्ट ने तो राहत दे दी है लेकिन जनता उनके बयान पर क्या रिएक्ट करेगी ये देखने वाली बात होगी।
माफी मांगने से किया था इंकार
इससे पहले उन्होंने अपने बयान पर माफी मांगने से इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वो अपने विवादास्पद बयान पर माफ़ी नहीं मांगेंगे क्योंकि उन्होंने कुछ ग़लत नहीं कहा है।
दरअसल उनके इस बयान को लेकर ख़ासा विवाद हो रहा है कि जो लोग मोदी के विरोधी हैं उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
न सिर्फ़ कांग्रेस बल्कि एनडीए के कुछ दलों ने भी गिरिराज सिंह के इस बयान की कड़ी आलोचना की है। उनकी अपनी पार्टी के कुछ नेताओं को भी ये बयान हज़म नहीं हो रहा है।
ये कहा था गिरिराज सिंह ने
झारखंड के देवगढ़ में बिहार बीजेपी के बड़े नेताओं में शुमार गिरिराज सिंह की जुबान एक रैली के दौरान फिसल गई थी।
गिरिराज सिंह ने कहा, "मोदी को पीएम बनने से रोकने वाले लोग पाकिस्तान परस्त हैं। वही लोग मोदी को रोकना चाहते हैं जो चाहते हैं कि भारत पाकिस्तान के आगे घुटने टेके। ऐसे लोग पाकिस्तान परस्त हैं और उनका मक्का मदीना पाकिस्तान है।''
गिरिराज सिंह नवादा से बीजेपी के उम्मीदवार हैं और उन्हें मोदी की कट्टर समर्थक भी माना जाता है। हालांकि गिरिराज सिंह के विवादित बयान से पार्टी ने किनारा कर लिया है। बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने भी इसे गैरजिम्मेदाराना करार दिया है।