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कर्नाटक चुनाव बाद टूट सकता है भाजपा-जदयू गठबंधन!
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2013 03:21 PM IST
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जनता दल (यूनाईटेड) और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन की दरार बढ़ती जा रही है। दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच बयानबाजियों भी तेज हो गई हैं।
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आशंका जताई जा रही है कि दोनों दलों का 17 वर्ष पुराना गठबंधन टूट सकता है। भाजपा कर्नाटक विधानसभा चुनावों के बाद इस मुद्दे पर फैसला ले सकती है।
वहीं, रेलमंत्री रहते हुए गोधरा कांड में कार्रवाई न कर पाने के आरोपों पर सफाई देते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि उन्होंने गो
धरा कांड के बाद एक रिपोर्ट सरकार को दी थी लेकिन कानून-व्यवस्था का जिम्मा राज्य सरकार का होता है।
गौरतलब है कि सोमवार को भाजपा की प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने आरोप लगाया था कि गोधरा कांड के समय नीतीश कुमार भाजपा के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने इस मामले में सतर्कता नहीं दिखाई।
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बिहार में सभी लोकसभा सीटों पर लड़ सकती है भाजपा
जद-यू से लगातार खराब होते रिश्ते के बीच भाजपा ने भी बिहार में अकेले चलने के विकल्प पर सोचना शुरू कर दिया है।
पार्टी ने चुनाव तैयारी में पिछड़ने से बचने के लिए बिहार इकाई को राज्य की सभी 40 लोकसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी का निर्देश देने का फैसला किया है।
यह निर्देश 18 अप्रैल को आलाकमान के साथ राज्य के कोर ग्रुप की बैठक में दिया जाएगा। हालांकि पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने बिहार से आए मोदी समर्थक पार्टी नेताओं को राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ एक शब्द भी न बोलने की सख्त हिदायत दी है।
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उन्होंने कहा है कि इस मुद्दे पर अब सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व ही कोई बयान देगा।
दरअसल, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने की संभावनाओं पर जद-यू से छिड़ी जंग के बाद भाजपा आलाकमान को लगता है कि यह विवाद दोनों दलों के बीच स्थायी दूरी का कारण बन सकता है।
खासतौर पर बीते रविवार को नीतीश की ओर से मोदी पर हमला किए जाने और गठबंधन से हटने की चेतावनी ने आलाकमान को सतर्क कर दिया है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि नीतीश के हमले के बाद आलाकमान ने पहले तो जैसे को तैसा के अंदाज में पलटवार की रणनीति बनाई और फिर बिहार में अकेले चलने के विकल्प पर भी विचार-विमर्श किया।
पार्टी के ज्यादातर नेताओं का मानना है कि नीतीश पर आंख मूंद का विश्वास करने के बदले भाजपा को राज्य में अकेले उतरने की तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक अब आलाकमान कोर ग्रुप की बैठक में राज्य के नेताओं को इस आशय का निर्देश देगा।
बिहारा भाजपा नेता चाहते हे गठबंधन तोड़ना
उधर, नीतीश के मोदी पर हमले के बाद बिहार के मोदी समर्थक और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी विरोधी नेताओं सीपी ठाकुर, अश्विनी चौबे, गिरिराज सिंह और गोपाल नारायण सिंह ने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह तथा संगठन महासचिव राम लाल से अलग-अलग मुलाकात की।
इन नेताओं ने नीतीश के हमले को पार्टी का अपमान बताते हुए राज्य में जद-यू से संबंध तोड़ने की अपील की। हालांकि राजनाथ ने इन नेताओं को नीतीश के खिलाफ न बोलने का स्पष्ट निर्देश दिया।
बताते हैं कि राजनाथ ने इन नेताओं से कहा कि नीतीश के मसले पर अब केवल केंद्रीय नेतृत्व ही बोलेगा।
मुलाकात के पहले नीतीश पर तीखा हमला कर चुके इन नेताओं के सुर में मुलाकात के बाद नरमी दिखी। हालांकि ठाकुर ने कहा कि हमने अपनी भावना आलाकमान तक पहुंचा दी है। अब इस मामले में केंद्रीय नेतृत्व ही कोई टिप्पणी करेगा।