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बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना तय!
दिल्ली
Updated Thu, 26 Sep 2013 02:50 PM IST
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बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना तय हो गया है। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के लिए के लिए ही केंद्र ने रघुराम राजन समिति गठित की थी। नीतीश काफी समय से बिहार के लिए विशेष राज्य की मांग कर रहे थे। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देना एक तोहफे के समान है।
विशेष राज्य के दर्जे के लिए नीतीश ने दिल्ली में अधिकार रैली आयोजित की थी। उस वक्त केंद्र की ओर से यह कहा गया था कि बिहार उन मापदंडों को पूरा नहीं करता है, जिनके आधार पर विशेष राज्य का दर्जा दिया जाता है। तब नीतीश ने बिहार के पिछडेपन का उल्लेख करते हुए विशेष राज्य के दर्जे की मांग की थी।
कमेटी की तरफ से सबसे कम विकसित राज्यों की सूची में पहले नंबर पर अरूणाचल प्रदेश है। उसके बाद आसाम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, मेघालय, उड़ीसा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश हैं।
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आम चुनाव के नज़दीक आते ही केंद्र सरकार ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को साधने की तैयारी कर ली है। यही कारण है कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले बिहार को एक बड़ी सौगात केंद्र की ओर से मिलने वाली है।
इसके लिए सरकार ने पिछड़ा राज्य का दर्जा देने के पैमाने में बदलाव किया है। नये पैमाने से ना सिर्फ बिहार बल्कि झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और राजस्थान के कुछ इलाकों को फायदा होगा। हालांकि इस बात के संकेत वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने अपने बजट भाषण में ही दे दिये थे।
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ये घोषणा कर चुके हैं कि जो भी विशेष राज्य का दर्जा देगा उसका वह समर्थन करेंगे। वैसे भी नीतीश अब भाजपा का साथ छोड चुके हैं, इसलिए कांग्रेस के साथ जाने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
तैयार रिपोर्ट का अध्ययन वित्त मंत्रालय का आर्थिक मामले विभाग करेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर ही विशेष राज्य पाने वाले राज्यों को विशेष धन का आवंटन भी किया जाएगा।
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विशेष राज्य के दर्जे के लिए नीतीश ने दिल्ली में अधिकार रैली आयोजित की थी। उस वक्त केंद्र की ओर से यह कहा गया था कि बिहार उन मापदंडों को पूरा नहीं करता है, जिनके आधार पर विशेष राज्य का दर्जा दिया जाता है। तब नीतीश ने बिहार के पिछडेपन का उल्लेख करते हुए विशेष राज्य के दर्जे की मांग की थी।
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कमेटी की तरफ से सबसे कम विकसित राज्यों की सूची में पहले नंबर पर अरूणाचल प्रदेश है। उसके बाद आसाम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, मेघालय, उड़ीसा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश हैं।
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आम चुनाव के नज़दीक आते ही केंद्र सरकार ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को साधने की तैयारी कर ली है। यही कारण है कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले बिहार को एक बड़ी सौगात केंद्र की ओर से मिलने वाली है।
इसके लिए सरकार ने पिछड़ा राज्य का दर्जा देने के पैमाने में बदलाव किया है। नये पैमाने से ना सिर्फ बिहार बल्कि झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा और राजस्थान के कुछ इलाकों को फायदा होगा। हालांकि इस बात के संकेत वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने अपने बजट भाषण में ही दे दिये थे।
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ये घोषणा कर चुके हैं कि जो भी विशेष राज्य का दर्जा देगा उसका वह समर्थन करेंगे। वैसे भी नीतीश अब भाजपा का साथ छोड चुके हैं, इसलिए कांग्रेस के साथ जाने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
तैयार रिपोर्ट का अध्ययन वित्त मंत्रालय का आर्थिक मामले विभाग करेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर ही विशेष राज्य पाने वाले राज्यों को विशेष धन का आवंटन भी किया जाएगा।