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Hindi News ›   Bihar ›   Bihar The youth went out for marriage alone without Procession on his cycle Married without taking dowry got appreciation

मिसाल: बिना दहेज, बिन बारात अकेले साइकिल पर दुल्हन लाने निकला युवक, ससुराल में हुआ जोरदार स्वागत

Sun, 23 May 2021 11:43 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शंभूगंज, बांका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शंभूगंज, बांका Published by: प्रियंका तिवारी Updated Sun, 23 May 2021 11:43 AM IST
सार

बिहार के बांका जिले में गौतम नामक युवक ने बिना दहेज और बिना बारात के साइकिल से ससुराल जाकर शादी की। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौर में हुई इस शादी को स्थानीय बीडीओ ने आदर्श विवाह बताते हुए वर-वधू को पुरस्कृत किया।

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Bihar The youth went out for marriage alone without Procession on his cycle Married without taking dowry got appreciation
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना के मामलों को नियंत्रित करने के लिए नाइट कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन जैसी सख्त पाबंदियों को लागू किया गया है, लेकिन रोजाना इन प्रतिबंधों की धज्जियां उड़ाए जाने की खबरें आती ही रहती हैं। शादी-विवाह में अनुमति से ज्यादा लोगों का शामिल होना तो आम बात है, लेकिन बिहार के बांका जिले के शंभूगंज क्षेत्र के एक युवक ने लॉकडाउन के समर्थन में ऐसे बारात निकाली कि हर कोई उसकी तारीफ करते नहीं थक रह है। दरअसल, शंभूगंज क्षेत्र के नजदीक बसे एक गांव में रहने वाला युवक बिना बारात के ही अपनी साइकल से शादी करने निकल पड़ा और बिना दहेज के अपनी दुल्हन संग विवाह किया। इस शादी की चर्चा पूरे इलाके में है। 

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पहले लॉकडाउन में टल गई थी शादी
शंभूगंज क्षेत्र के ऊंचागांव के रहने वाले गौतम कुमार की शादी भरतशिला पंचायत के कंचन नगर गांव की रहने वाली कुमकुम कुमारी होनी थी। यह शादी पिछले साल ही होनी थी लेकिन लॉकडाउन की वजह से टल गई। इस साल भी शादी की नई तारीख ज्यों ही तय हुई, लॉकडाउन लग गया लेकिन इस बार गौतम ने तय कर लिया कि इस बार वह शादी करके ही मानेगा वह भी दहेज और बारात के बिना। परिवार और गांव के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही गौतम ने सेहरा बांधा और साइकिल से ही अकेले निकल पड़े अपनी दुल्हन लाने। 
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वहीं, साइकिल से दूल्हा बनकर जब गौतम कुमार दुल्हन के दरवाजे पर पहुंचे तो वहां पर ससुराल वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ऐसी अनोखी बारात पहली बार ससुराल पहुंची थी। सास, ससुर और अन्य ससुराल पक्ष के लोगों के दिल में दूल्हे गौतम कुमार की अलग छाप पड़ी और पूरे उत्साह के साथ उसका स्वागत किया गया। गौतम ने ससुराल पहुंचकर सादगी के साथ शादी रचाई और बिना कोई दहेज लिए अपनी दुल्हन कुमकुम को लेकर अपने घर आ गए। शादी के बाद गौतम कुमार और उनकी पत्नी कुमकुम कुमारी ने बताया कि उन लोगों ने ऐसा छोटा सा प्रयास किया ताकि लोगों को इससे सीख मिल सके।
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अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़े को सराहा
गौतम के इस तरीके से शादी करने की खबर शंभूगंज के बीडीओ प्रभात रंजन को भी मिली। बीडीओ प्रभात रंजन शनिवार उचागांव पहुंचे, जहां उन्होंने वर-वधु को आशीर्वाद और नकद रुपये देकर पुरस्कृत किया। बीडीओ प्रभात रंजन ने नवविवाहित जोड़े को 'मुख्यमंत्री विवाह योजना'  का लाभ दिलाने का वादा भी किया। सीओ अशोक कुमार सिंह, थानाध्यक्ष उमेश प्रसाद ने भी फोन पर गौतम और कुमकुम से बात की और दोनों को इस तरह से विवाह करने पर बधाई दी। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी शादी से दूसरे गांव और समाज के लोग भी प्रेरणा लेंगे।

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