कांग्रेस विधायक नहीं, ड्राइवर ले भागा था लड़की
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बिहार के मसौढ़ी से एक नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में शुक्रवार को नया खुलासा हुआ। शुक्रवार को लड़की पटना के एसएसपी आवास पर पहुंची और उसने खुलासा किया कि उसका अपहरण कांग्रेस के विधायक सिद्धार्थ सिंह ने नहीं किया, बल्कि वह खुद उनके ड्राइवर पंकज के साथ भागी थी।
एसएसपी से मिलने भी वह पंकज के साथ पहुंची थी। पटना के एसएसपी मनु महाराज ने कहा कि बयान दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस विधायक पर अब तक कोई मामला साबित नहीं हुआ है।
मनु ने यह भी बताया कि लड़की नाबालिग नहीं है और वह अपनी मर्जी से पंकज के साथ शादी कर चुकी है। इस हाइप्रोफाइल मामले में उस वक्त नाटकीय मोड़ आया, जब दोपहर बाद मीडिया के सामने आई युवती निधि ने अपने पिता पर खुद को बूढ़े व्यक्ति के हाथों बेचने का आरोप लगाया।
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उसने मामले में विधायक की संलिप्तता से इनकार किया। निधि ने आरोप लगाया कि मामले को बड़ा बनाने के लिए उसके पिता ने इस मामले में विधायक का नाम लिया है। उसने कहा कि उसका पिछले दो साल से पंकज के साथ रिश्ता है।
लड़की ने बताया कि पिता उसे एक शादीशुदा दो बच्चों के पिता के हाथों बेचने जा रहे थे। निधि ने कहा कि बूढ़े शख्स से शादी का विरोध किया, तो मारपीट भी की गई। इसके बाद ही दोनों ने भाग कर शादी करने का फैसला लिया।
विधायक सिद्धार्थ ने कहा कि मामले से मेरा कोई लेना देना नहीं है। बृहस्पतिवार को लड़की के परिजनों ने मसौढ़ी थाने में बिक्रम के विधायक सिद्धार्थ समेत दो लोगों पर अपनी लड़की का जबरन अपहरण करने का आरोप लगाया था।
जदयू की मांग पर भड़की कांग्रेस
बिक्रम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक सिद्धार्थ सिंह के खिलाफ जदयू ने शुक्रवार को कार्रवाई की मांग की। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि सरफराज आलम पर जिस तरह से पार्टी ने कार्रवाई की है, वैसे ही कांग्रेस भी अपने विधायक पर कार्रवाई करे।
जदयू के इस मांग पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि जदयू को अपने विधायक पर फैसले लेने में तीन दिन लगा और कांग्रेस से 24 घंटे के अंदर कार्रवाई चाहते हैं। पार्टी मामले की जांच कर रही है। उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
वहीं एक अन्य मामले में डॉक्टर पर हमला करने वाले राजद विधायक कुंती देवी के पुत्र रंजीत यादव ने शुक्रवार को गया के एसीजीएम-3 की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने उसे तत्काल 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।