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Bihar: परीक्षा में छात्रों को शामिल नहीं किए जाने पर हंगामा, प्रिंसिपल पर मामले को नजरअंदाज करने का आरोप
Tue, 31 Oct 2023 02:21 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 31 Oct 2023 02:21 PM IST
सार
मीडिया से बात करते हुए छात्र ओम प्रकाश चौधरी ने बताया कि शिक्षक द्वारा सेंटअप एक्जाम देने नही दिया जा रहा है। उन्होंने एफिडेविट बनवाकर स्कूल में दिया था। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।
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Students protest
- फोटो : Social Media
विस्तार
बिहार के हाजीपुर टाउन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को 12 वीं की सेंटाप परीक्षा में छात्रों को शामिल नहीं किए जाने पर जमकर हंगामा हुआ। छात्रों ने हाजीपुर कोनहारा घाट रोड के पास घेराव कर उसे बंद कर दिया। इस दौरान उन्होंने स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाकर उन्हें शांत किया। दरअसल, स्कूल ने 60 छात्रों का नाम काट दिया था और इसी वजह से छात्रों ने हंगामा किया। स्कूल ने बताया कि नाम काटने से पहले ही छात्रों के परिजनों को इसकी सूचना दी गई कि छात्र स्कूल में उपस्थित नहीं होते हैं। शिक्षा विभाग के आदेश के बाद छात्रों का नाम काटा गया था।
इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए छात्र ओम प्रकाश चौधरी ने बताया कि शिक्षक द्वारा सेंटअप एक्जाम देने नही दिया जा रहा है। उन्होंने एफिडेविट बनवाकर स्कूल में दिया था। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। उन्होंने कह कि वह जिलाधिकारी के पास दो बार इस मामले को लेकर गए, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
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छात्रों ने बताया कि प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक तक कोई भी बात करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षा शुरू हो चुकी है, लेकिन छात्रों को बैठने नहीं दिया गया। ऐसे में छात्रों का दो वर्ष खराब हो जाएगा। बिहार शिक्षा विभाग ने एक लेटर जारी किया था, जिसमें कहा गया कि 75% अटेंडेंस के बिना छात्रों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा।
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घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाकर उन्हें शांत किया। दरअसल, स्कूल ने 60 छात्रों का नाम काट दिया था और इसी वजह से छात्रों ने हंगामा किया। स्कूल ने बताया कि नाम काटने से पहले ही छात्रों के परिजनों को इसकी सूचना दी गई कि छात्र स्कूल में उपस्थित नहीं होते हैं। शिक्षा विभाग के आदेश के बाद छात्रों का नाम काटा गया था।
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इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए छात्र ओम प्रकाश चौधरी ने बताया कि शिक्षक द्वारा सेंटअप एक्जाम देने नही दिया जा रहा है। उन्होंने एफिडेविट बनवाकर स्कूल में दिया था। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया। उन्होंने कह कि वह जिलाधिकारी के पास दो बार इस मामले को लेकर गए, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया।
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छात्रों ने बताया कि प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक तक कोई भी बात करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षा शुरू हो चुकी है, लेकिन छात्रों को बैठने नहीं दिया गया। ऐसे में छात्रों का दो वर्ष खराब हो जाएगा। बिहार शिक्षा विभाग ने एक लेटर जारी किया था, जिसमें कहा गया कि 75% अटेंडेंस के बिना छात्रों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा।