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बिहार: कोयला खत्म, बिजली संयंत्र संकट में
पटना/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 05 Apr 2013 11:40 AM IST
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बिहार में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट उत्पन्न हो गया है। हालात यह हैं कि राज्य में बिजली की पांच इकाइयां ठप पड़ गई हैं।
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नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) का कहना है कि कोयले की कमी से गुरूवार को पांच इकाइयां बंद करनी पड़ीं। बिहार को केंद्रीय सेक्टर से आवंटित 1834 मेगावॉट के बजाए मात्र 870 मेगावॉट ही बिजली मिल सकी।
ग्रिड लोडशेडिंग में
एनटीपीसी के अधिकारियों ने कहा है कि एक-दो दिनों में कोयले की व्यवस्था न होने पर चल रही इकाइयों को चालू रखना भी मुश्किल हो जायेगा। लोड फैक्टर में लगातार कमी हो रही है। जरूरत से कम बिजली मिलने के कारण दो दर्जन से अधिक ग्रिड को लोडशेडिंग में रखा गया।
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एनटीपीसी के कहलगांव के बिजली संयंत्र की 2340 मेगावॉट बिजली उत्पादन की क्षमता है लेकिन यूनिट संख्या चार, पांच और छह के बंद होने के कारण वहां से केवल 860 मेगावॉट की बिजली ही मिल पा रही है।
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इसी तरह फरक्का संयंत्र की क्षमता 2100 मेगावॉट है, पर दो इकाइयों के बंद होने के चलते वहां से केवल 1100 मेगावॉट ही बिजली उत्पादित हो रही है।
बाहर से बिजली
इस बिजली संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बाहरी एजेंसी से बिजली खरीदना शुरू कर दिया है। बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी ने गुरुवार को इंडिया एनर्जी एक्सचेंज से 300 मेगावाट बिजली की खरीदारी शुरू की।
अधिकारियों का कहना है कि यह खरीद तब तक जारी रहेगी जब तक एनटीपीसी की सभी इकाइयों चालू नहीं हो जातीं।
राज्य सरकार पहले ही से अदानी और डीवीसी से 300 मेगावॉट बिजली खरीद रही है।
बाहर से खरीदी जा रही छह सौ मेगावाट बिजली से बुधवार की तुलना में गुरुवार को बिहार में बिजली संकट में मामूली सुधार हुआ है।
इस समय उपलब्ध 1470 मेगावॉट बिजली में से राजधानी को लगभग 400 मेगावॉट, नेपाल सहित अनिवार्य सेवाओं के लिए 350 मेगावॉट को छोड़ बाकी 720 मेगावॉट बिजली से पूरे राज्य में आपूर्ति की जा रही है।
इस समस्या को देखते हुए बिजली कंपनी मुख्यालय में बने लोड डिस्पैच सेंटर में संचरण-वितरण के वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। रोस्टर के अनुसार पटना सहित राज्य के सभी जिलों को बिजली आपूर्ति की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव व बिजली कंपनी के सीएमडी प्रभात कुमार राय खुद बिजली व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं। मंत्री ने कोयला मंत्रलय से संपर्क साधा है।