Bihar: शिक्षक पद पर बहाली को लेकर प्रदर्शन, अभ्यर्थियों पर ADM ने बरसाईं लाठियां, अब तेजस्वी ने दी सफाई
बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने और सातवें चरण की शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर बिहार के युवाओं में आक्रोश है। इन मांगों को लेकर पूरे बिहार से राजधानी पटना पहुंचे शिक्षक अभ्यर्थियों ने सोमवार को डाक बंगला चौराहा पर बड़ी संख्या में इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया। इसी दौरान पुलिस ने इन अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज किया।
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बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों पर पुलिसवालों ने जमकर लाठियां भांजी। दरअसल, बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने और सातवें चरण की शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर पूरे बिहार से राजधानी पटना पहुंचे शिक्षक अभ्यर्थी सोमवार को डाक बंगला चौराहा पर बड़ी संख्या में इकट्ठे होकर प्रदर्शन कर रहे थे।इसी दौरान पुलिस ने इन अभ्यर्थियों पर लाठी चार्ज किया। पुलिस के बल प्रयोग में कई अभ्यर्थियों को चोटें भी आईं हैं। बिहार पुलिस के इस लाठीचार्ज के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें देखा जा सकता है कि किस बेरहमी से पुलिस ने इन प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को पीटा है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान ADM लॉ एंड ऑर्डर के के सिंह ने भी प्रदर्शनकारियों को जमकर पीटा।
पुलिस की कार्रवाई पर तेजस्वी यादव ने दी सफाई
एडीएम की इस हरकत को लेकर तेजस्वी यादव ने सफाई जारी की है। उन्होंने कहा है कि पटना में लाठीचार्ज प्रदर्शनकारी छात्रों को नियंत्रित करने के लिए किया गया। इसमें एडीएम को भी छात्रों पर लाठी भांजते देखा गया। इस घटना को लेकर इंक्वायरी कमेटी बिठाई गई है। अगर एडीएम दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
तेजस्वी ने आगे कहा, "विद्यार्थियों(STET) से अपील है कि धैर्य रखें। हम काम कर रहे हैं। हमारी रोज़गार और नौकरी को लेकर ही लड़ाई रही है। हमने 15 अगस्त को ऐलान किया है कि 10 लाख नौकरी देंगे और उसके अलावा भी रोज़गार के साधन उपलब्ध होंगे और 20 लाख को रोज़गार मिलेंगे।"
क्या है मामला?
दरअसल, बिहार में काफी लंबे समय से अभ्यर्थी सातवें चरण की शिक्षक भर्ती की बहाली की मांग कर रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षक मोर्चा के बैनर तले 2019 के क्वालीफाई छात्र बीते 21 दिनों से गर्दनीबाग धरनास्थल पर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को ये सभी अभ्यर्थी डाक बंगला चौराहा पहुंचे थे। यहां पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने इन लोगों को रोक दिया। इससे उग्र हुए छात्र और अभ्यर्थियों ने शिक्षामंत्री और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। जिसके बाद पुलिस ने इन लोगों को वहां से हटाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इन अभ्यर्थियों की मांग थी कि अविलंब बहाली प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके अलावा ये लोग बीटीईटी परीक्षा कराने की मांग कर रहे है। वहीं, प्राथमिक शिक्षा विभाग अभी परीक्षा कराने से मना कर रहा है।
शिक्षामंत्री ने कल किया था ये एलान
छात्रों और शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के इस प्रदर्शन से एक दिन पहले ही राज्य के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने बड़ा दावा किया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षा विभाग में साढ़ तीन लाख भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने कहा था कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जिन 20 लाख नौकरियों की बात कही थी, उनमें से साढ़े तीन लाख नौकरियां शिक्षा विभाग में दी जाएंगी। बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि सीएम नीतीश कुमार जो संकल्प लेते हैं उसे जरूर पूरा करते हैं।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि सातवें चरण की शिक्षक बहाली की जाए। इसके लिए जल्द से जल्द ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया जाए। इसके अलावा इन अभ्यर्थियों की मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन और केंद्रीकृत हो। इन लोगों का कहना है कि पिछले तीन साल से सातवें चरण के शिक्षक बहाली की बात कही जा रही है, लेकिन ऑफिशियल नोटिफिकेशन नहीं जारी किया जा रही है।
जन अधिकार पार्टी ने भी किया प्रदर्शन
छात्रों और शिक्षक अभ्यर्थियों के अलावा जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक ने भी पटना में महंगाई, जीएसटी और अग्निपथ स्कीम को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इन लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने प्रदर्शकारियों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया।
#WATCH | Bihar: Jan Adhikar Party Loktantrik holds a protest march against inflation, GST and Agnipath scheme, in Patna.
— ANI (@ANI) August 22, 2022
Police used water cannons to disperse the crowd. pic.twitter.com/vJQsrxAqbp