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Bihar By Election: प्रशांत किशोर बोले- बिहार में बेटे और बहू की हो रही है राजनीति, जातियों में उलझे हैं लोग
Fri, 01 Nov 2024 03:49 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: आदित्य आनंद
Updated Fri, 01 Nov 2024 03:49 PM IST
सार
Bihar News: पीके ने गिरिराज सिंह के 2025 में 220 सीट पर जीतने के सवाल पर कहा कि कि लक्ष्य रखने में कोई बुराई नहीं है। बिहार में होने वाले चार सीटों में एनडीए कितना जीत रही है। उसके बाद 2025 का लक्ष्य रखा जाएगा। भाजपा वाले तो दो सीट पर लड़ रहे हैं।
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जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में बेटे और पतोह की राजनीति हो रही है। लोग जातियों में उलझे है। बेलागंज की जनता अपराध और अपराधियों से किनारा करना चाहते हैं। बिहार विधानसभा उपचुनाव चुनाव में बेलागंज के सभी लोगों की सोच है, अपराधियों की राजनीति को खत्म करना है। उक्त बातें जन सुराज पार्टी के सुत्रधार प्रशांत किशोर शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि कोई बड़े बाहुबलियों को चुनौती दे सकता है। शुरूआती प्रयास में लोगों के बीच विश्वास पैदा करने के लिए जन सुराज पार्टी ईमानदारी से प्रयास शुरू किया है और वह विश्वास लोगों के बीच लाया है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी जनता ही ताकत है।
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प्रत्याशी के चयन में जल्दबाजी के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज में गलत आदमी को टिकट मिलने का सवाल ही नहीं है। इमामगंज विधानसभा सीट से जन सुराज पार्टी से प्रत्याशी जितेंद्र पासवान है। बिहार में रूरल प्रैक्टिनसर, ट्रेनिंग के बाद प्रैक्टिशनर है जो कर रहे है। जब महागठबंधन की सरकार थी, उस समय राज्य के कानून मंत्री जिसको बनाया था। वह भी वैसे हीं डॉक्टर है। जो अस्पताल चला रहे है। एक एमबीबीएस, क्वालीफाई डॉक्टर और दूसरा बहुत बड़ा एक ऐसा तंत्र है, जो अपने अनुभव से प्रैक्टिस करता है। बिहार की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह ठप है। जो कुछ भी गरीबों को चिकित्सीय सुविधा मिल रही है। गांवों में सेवा दे रहे गरीब डॉक्टरों के कंधे पर है। अगर वह गलत है तो उस पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन बंद कराएंगे तो ऐसे एक लाख से ज्यादा लोग है, जो ग्रामीण प्रैक्टिशनर है। नीतिश कुमार ने वोट के लिए इन्हीं लोगों को कहा कि ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट देंगे। वोट ले रहे हैं लेकिन न ट्रेनिंग दिया और न ही सर्टिफिकेट दे रहे हैं। अगर ऐसा नहीं करना था तो देश की सबसे बेहतर चिकित्सा बनाए।
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मैदान में अकेले खड़ा है जन सुराज
वहीं उन्होंने कहा कि एनडीए या महागठबंधन तंत्र उतारे या यंत्र उतारे, लालू, नीतीश और भाजपा तीनों की ताकत एक तरफ है। जन सुराज अकेले खड़ा हैं। हमारे साथ वैसे लोग जुड़े है जो चाहते है बिहार में बदलाव हो। 30–35 साल में लालू नीतीश से लोग परेशान हो गए है। छठ पर्व में लोग बाथरूम, लैट्रिन में बैठकर ट्रेनों से आ रहे हैं। यह सालों साल से यह परंपरा बन गया है कि भेड़ बकरियों की तरह बैठकर बिहार वापस लोग आते है। प्रदेश में जाकर मेहनत कर 6 से 8 हजार बचाए। ताकि वह अपने परिवार भरण पोषण कर सके। हर हालत में बिहार में रोजी रोजगार सबको मिले यह जन सुराज की गारंटी है।तमिलनाडु,गुजरात,कर्नाटक, छत्तीसगढ़ में गरीबी,भ्रष्ट्राचार नहीं है। इन राज्यों के लोग मजदूरी करने क्या बिहार आते है..? गरीबी, भ्रष्ट्राचार होना एक अलग बात है लेकिन सभी राज्यों में इतनी व्यवस्था होनी चाहिए कि वह व्यवस्था बिहार में हो।
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भाजपा 110 सीट से अधिक लड़ने की नहीं है ताकत
पीके ने गिरिराज सिंह के 2025 में 220 सीट पर जीतने के सवाल पर कहा कि कि लक्ष्य रखने में कोई बुराई नहीं है। बिहार में होने वाले चार सीटों में एनडीए कितना जीत रही है। उसके बाद 2025 का लक्ष्य रखा जाएगा। भाजपा वाले तो दो सीट पर लड़ रहे हैं। दुनिया का सबसे बड़ा दल बताने वाला भाजपा 30 साल से बिहार में हैं। आज तक 100 या 110 सीट से अधिक सीटों पर लड़ने का ताकत नहीं हुआ। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को 19.6% वोट आया था और खुद को राजनीतिक बाहुबली बता रहे। यह तो नीतीश के कंधे पर बैठकर बैसाखी यह है। इनकी बैसाखी नीतीश कुमार है। चार दिन पहले एनडीए की बैठक हुई है। सारे भाजपाइयों ने यह घोषणा की है हमारे नेता नीतीश कुमार है। 2025 में भी नीतीश कुमार सीएम रहेंगे। जितने लोग नीतीश को सीएम बनाना चाहते हैं। भाजपा का बटन दबा देना। जितने लोग चाहते हैं, आपकी जमीन विवाद में पड़ जाए, वह भाजपा का बटन दबा देना। एक ओर आप नीतीश से परेशान हैं और दूसरी ओर भाजपा से। जदयू को वोट देंगे तो आपसे बादा मूर्ख आदमी कौन है..? हम वोट नहीं मांग रहे सिर्फ जनता को यह बता रहे हैं कि भाजपा का डर दिखाकर लालू को और लालू का डर दिखाकर भाजपा वाले वोट लेते है। यह मुफ्तखोरी का आदत छोड़ो।