{"_id":"5fd9c38f8ebc3e3dcf01d820","slug":"bihar-politics-nitish-kumar-and-modi-government-big-decission-in-kharmas-like-sushil-modi-mlc-nomination-and-expansion-of-jdu","type":"story","status":"publish","title_hn":"खरमास में सियासत के अहम फैसले: तय होगा सुशील मोदी का भविष्य, एमएलसी मनोनयन और जदयू का विस्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खरमास में सियासत के अहम फैसले: तय होगा सुशील मोदी का भविष्य, एमएलसी मनोनयन और जदयू का विस्तार
Wed, 16 Dec 2020 01:51 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कुमार संभव
Updated Wed, 16 Dec 2020 01:51 PM IST
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी-नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिंदू पंचांग के तहत 15 दिसंबर से खरमास का महीना शुरू हो गया है, जो 14 जनवरी तक रहेगा। इस महीने में भले ही नए काम नहीं किए जाते हैं, लेकिन बिहार की राजनीति से लेकर केंद्र सरकार के अहम फैसले 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक ही लिए जाएंगे। इस दौरान राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। दरअसल, बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार होना है, जिसके लिए नए चेहरों का फैसला इसी माह होगा। इसके अलावा केंद्र सरकार में भी मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा जोरों पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार में होगा मंत्रिमंडल विस्तार
बता दें कि 17वीं विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिर्फ 15 विधायकों के साथ शपथ ग्रहण की थी। अभी उनकी कैबिनेट में 21 और मंत्रियों को एंट्री होनी है। ऐसे में नए चेहरों पर फैसला इसी महीने किया जा सकता है, जिससे बाकी मंत्रियों पर विभागों का बोझ कम किया जा सके।
विज्ञापन
राज्यपाल कोटे से एमएलसी मनोनयन
गौरतलब है कि राज्यपाल कोटे से विधान परिषद सदस्यों के मनोनयन की बात भी अटकी हुई है, जिस पर फैसला इसी महीने में होना तय है। दरअसल, अशोक चौधरी और मुकेश सहनी बिना किसी सदन के सदस्य बने मंत्रिमंडल में शामिल हुए। ऐसे में नए एमएलसी के लिए चयन का काम भी इसी महीने होगा।
विज्ञापन