Bihar Police : पटना के दो बच्चों की हत्या नहीं हुई! पटना पुलिस का चौंकाने वाला दावा, चार-चार लाख भी मिलेंगे
Bihar : रविवार से लापता दो बच्चों की लाश बहुत बुरी स्थिति में मिली। बच्चों के हाथ और पैर बंधे थे। आंख फोड़ दी गई थी। शरीर पर जख्म के कई निशान थे, इसके बाद भी पटना पुलिस का दावा है कि बच्चों की हत्या नहीं हुई है, बल्कि डूबने से उनकी मौत हुई है।
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पटना के बेऊर थाना क्षेत्र में दो बच्चों का शव मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैं गर्दनीबाग़ थाना में आवेदन लेकर पहुंचा लेकिन वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों ने आवेदन नहीं लिया। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने समय रहते बच्चों की खोजबीन नहीं की। अब शव मिलने के बाद जब पुलिसकर्मी के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा होने लगा, तब अब पटना पुलिस ने चौंकाने वाला दावा किया है। पता एसएसपी का कहना है कि बच्चों की हत्या नहीं हुई है बल्कि उनकी डूबने से मौत हुई है। साथ ही मामले को शांत करने के लिए यह भी कहा कि डूबने से मौत होने पर बिहार सरकार की तरफ से जो चार लाख की राशि दी जाती है, वह परिजनों को मिलेगा।
अर्ध निर्मित मकान से बरामद हुआ शव
दोनों बच्चे गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के सरिस्ताबाद के रहने वाले थे। इनकी पहचान विवेक कुमार (12) और प्रत्युष कुमार (11) के रूप में हुई। दोनों रविवार की शाम से ही लापता थे। उनकी काफी खोजबीन की गई लेकिन उनका कहीं कोई अत-पता नहीं चल पाया। इसी खोजबीन के तहत सोमवार की सुबह एक अर्ध निर्मित मकान में दोनों का शव बरामद हुआ।
किस आधार पर पुलिस कह रही यह हत्या नहीं है
परिजनों का कहना है कि सुबह में सूचना मिली कि दो बच्चों का शव 70 फीट के पास एक पानी भरे गड्ढे में फेंका हुआ है। परिजनों ने बताया कि 70 फीट के पास ग्रीन सिटी केंपस के पास वहां एक कमरे में बंद कर हाथ पैर बांधकर दोनों बच्चे को जमकर पीटा गया है। बच्चे की आंख फोड़ दी गई है, जीभ में चाकू मारा गया है। सीने पर चाकू से वार किया गया है और फिर हत्या करने के बाद दोनों के शव को पास के एक पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया गया है। इतने प्रमाण के बाद भी पटना पुलिस यह कह रही है बच्चों की हत्या नहीं बल्कि डूबने से उनकी मौत हुई है।