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बिहार पेपर लीक मामले में आया मंत्री-विधायकों का नाम
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 18 Mar 2017 03:59 AM IST
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बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) पेपर लीक मामले में राजद के उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद समेत कई बड़े नेताओं के नाम सामने आए हैं। इन नामों के खुलासे से राज्य की सियासत में नया भूचाल आने की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों की मानें तो आयोग के पूर्व सचिव परमेश्वर राम के मोबाइल डिटेल्स की जांच में कई बड़े नाम सामने आए हैं। आरोप है कि उन लोगों ने अपने करीबियों व रिश्तेदारों की नियुक्ति के लिए परमेश्वर से पैरवी की थी।
उन बड़े नामों में राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद, बिहार के सहकारिता मंत्री आलोक मेहता, विधि मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, भाजपा के मुजफ्फरपुर से विधायक सुरेश कुमार शर्मा, विभूतिपुर से जदयू के विधायक रामबालक सिंह जैसे करीब एक दर्जन नेता शामिल हैं।
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500 पेज की रिपोर्ट में एसआईटी ने इन सारे नामों को बीएसएससी पेपर लीक कांड में बतौर पैरवीकार शामिल किया है। एसआईटी का मानना है कि पेपर लीक कांड में सिर्फ परमेश्वर और गुरूजी जैसे लोग ही शामिल नहीं हैं।
इस कांड में सियासी जगत के बड़े नाम जैसे महागठबंधन और एनडीए सरकार के मंत्री, कई विधायक और नौकरशाह भी शामिल हैं। फिलहाल एसआईटी अब इस बात की जानकारी लेने में जुटा है कि जिन लोगों की पैरवी विधायक-मंत्री व आईएएस ने की है, उनका चयन हुआ या नहीं।
उल्लेखनीय है कि एसआईटी की टीम ने परमेश्वर राम का मोबाइल जब्त कर डाटा रिकवर किया था। इसके बाद नेताओं के नाम सामने आए हैं। मोबाइल में सौ से अधिक अभ्यर्थियों के नंबर मिले हैं।
एसआईटी सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ अभ्यर्थियों से पूछताछ भी हो गई है। इस दौरान उन्होंने अपने पैरवीकारों के नाम का खुलासा किया है। वहीं एक आईएएस अधिकारी ने अपने बड़े भाई की पत्नी के अलावा एक अन्य अभ्यर्थी की पैरवी एएनएम की परीक्षा के लिए की है। बताया जाता है कि परमेश्वर के मोबाइल में इतनी पैरवी आई हैं कि इसे देखकर एसआईटी भी हैरान है।
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सूत्रों की मानें तो आयोग के पूर्व सचिव परमेश्वर राम के मोबाइल डिटेल्स की जांच में कई बड़े नाम सामने आए हैं। आरोप है कि उन लोगों ने अपने करीबियों व रिश्तेदारों की नियुक्ति के लिए परमेश्वर से पैरवी की थी।
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उन बड़े नामों में राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद, बिहार के सहकारिता मंत्री आलोक मेहता, विधि मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, भाजपा के मुजफ्फरपुर से विधायक सुरेश कुमार शर्मा, विभूतिपुर से जदयू के विधायक रामबालक सिंह जैसे करीब एक दर्जन नेता शामिल हैं।
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500 पेज की रिपोर्ट में एसआईटी ने इन सारे नामों को बीएसएससी पेपर लीक कांड में बतौर पैरवीकार शामिल किया है। एसआईटी का मानना है कि पेपर लीक कांड में सिर्फ परमेश्वर और गुरूजी जैसे लोग ही शामिल नहीं हैं।
इस कांड में सियासी जगत के बड़े नाम जैसे महागठबंधन और एनडीए सरकार के मंत्री, कई विधायक और नौकरशाह भी शामिल हैं। फिलहाल एसआईटी अब इस बात की जानकारी लेने में जुटा है कि जिन लोगों की पैरवी विधायक-मंत्री व आईएएस ने की है, उनका चयन हुआ या नहीं।
उल्लेखनीय है कि एसआईटी की टीम ने परमेश्वर राम का मोबाइल जब्त कर डाटा रिकवर किया था। इसके बाद नेताओं के नाम सामने आए हैं। मोबाइल में सौ से अधिक अभ्यर्थियों के नंबर मिले हैं।
एसआईटी सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ अभ्यर्थियों से पूछताछ भी हो गई है। इस दौरान उन्होंने अपने पैरवीकारों के नाम का खुलासा किया है। वहीं एक आईएएस अधिकारी ने अपने बड़े भाई की पत्नी के अलावा एक अन्य अभ्यर्थी की पैरवी एएनएम की परीक्षा के लिए की है। बताया जाता है कि परमेश्वर के मोबाइल में इतनी पैरवी आई हैं कि इसे देखकर एसआईटी भी हैरान है।