Bihar News : कांग्रेस-राजद के यह विधायक भी जाएंगे सत्ता के साथ! यह MLA इस सवाल पर अभी क्या कह रहे, जानें
महागठबंधन में टूट पर बिहार सरकार ने मंत्री श्रवण कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि यह तो शुरूआत है कि आगे-आगे देखिए होता है। जो खेल करने का दावा करते थे। उनके साथ खेला हुआ। तेजस्वी यादव अपना कुनबा बचाएं।
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महागठबंधन के कुछ और विधायक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के खेमे में जा सकते हैं। मंगलवार को राजद के एक और कांग्रेस से दो विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया था। महागठबंधन में टूट पर बिहार सरकार ने मंत्री श्रवण कुमार ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह तो शुरूआत है कि आगे-आगे देखिए होता है। जो खेल करने का दावा करते थे। उनके साथ खेला हुआ। तेजस्वी यादव अपना कुनबा बचाएं। विधायकों को अपने नेता पर विश्वास नहीं है। मंत्री श्रवण कुमार के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है। विधाससभा परिसर में रोहतास जिले कुछ विधायकों के नाम पर अटकलें लगाई जा रही थीं। कारण यह है कि रोहतास जिले के चेनारी विधानसभा से मुरारी गौतम भाजपा में शामिल हो गए। अब करगहर विधानसभा से कांग्रेस विधायक संतोष मिश्रा और सासाराम विधानसभा से राजद विधायक राजेश गुप्ता के नाम पर चर्चा हो रही है। सत्ता पक्ष के साथ जाने की बात को लेकर 'अमर उजाला' ने इन दो विधायकों से बात करने की कोशिश की। आइए जानते हैं, इन्होंने क्या कहा...
राजद विधायक ने कह दी यह बात
राजद विधायक राजेश गुप्ता ने सत्ता पक्ष के साथ जाने की बात खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि हम हमारे नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद के साथ हैं भविष्य में राजद के साथ ही रहेंगे। किसी अन्य दल के बारे में सोचने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है। जो इस तरह के अफवाह उड़ा रहे और बयानबाजी कर रहे हैं, उन्हें उचित समय पर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति में मैं राजद पार्टी के साथ हूं और आगे भी मरते दम तक राजद के साथ ही रहूंगा।
कांग्रेस विधायक बोले- छवि धूमिल करने की कोशिश
करगहर विधानसभा से कांग्रेस विधायक संतोष मिश्रा ने बताया कि हमारे बारे में इस तरह की सोच रखना और चर्चा करना ही बड़े शर्म की बात है। अगर मुझे या अन्य किसी और विधायक को जब भाजपा में शामिल होना ही होता तो सभी लोग एक साथ मिलकर पार्टी को छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाते। ना कि बारी-बारी से सभी लोग किसी भी दल में शामिल होते। कोई भी दल जब विधायकों को तोड़ना चाहती है तो एक साथ सभी को तोड़ने की कवायत करती है। ना कि आज दो विधायक तोड़े और कल एक विधायक तोड़े। इसलिए यह बिल्कुल ही निराधार है और इस तरह चर्चाएं हमारी छवि को धूमिल करने का प्रयास है। सत्ता पक्ष के लोग इस तरह की अफवाह उड़ा रहे हैं इसमें कोई सच्चाई नहीं है।