Sonepur Mela : सुई से लेकर हाथी तक मिलता है विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला में, पहचान बना थियेटर-झूला भी अब चालू
Bihar News : डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के हाथों उद्घाटन के बावजूद थियेटर, झूला आदि की अनुमति नहीं मिलने के कारण बंद हुए विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला में रौनक अब लौट आयी है। कृषि और पशु के साथ इस मेले की सारी पहचान फिर से कायम हो गई है।
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कृषि, पशु से लेकर ग्रामीण संस्कृति और शहरी आधुनिकता के संगम सोनपुर मेला में रौनक लौट आयी है। 25 नवंबर को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के हाथों उद्घाटन के बाद जब एक हफ्ते तक यहां थियेटर, झूला आदि का लाइसेंस जारी नहीं हुआ था तो 'अमर उजाला' ने इसे प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद अब सारी सुविधाओं के साथ मेला की रौनक न केवल लौटी है, बल्कि पटना से करीब आधे घंटे की दूरी पर हो रहे इस मेले की आभा राजधानी तक झांक रही है। सोनपुर सारण जिले का हिस्सा है, लेकिन पटना और वैशाली जिला मुख्यालय से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण सुलभ है। पटना की ओर से लोग अब गांधी सेतु होकर हाजीपुर पार करते हुए या जेपी सेतु की तरफ से सीधे हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में पहुंच रहे हैं।
सोनपुर मेला में एक बार फिर से रौनक लौट गई है। सोनपुर मेले में पिछले दिनों हुए सोनपुर मेला बंद के बाद स्थानीय प्रशासन ने थिएटर, झूला सहित तमाम चीजों का लाइसेंस निर्गत कर दिया है। काफी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए सोनपुर मेला पहुंच रहे हैं। सोनपुर मेला यानी सुई से लेकर हाथी तक सोनपुर मेला में उपलब्ध हुआ करता था लेकिन अब हाथी सोनपुर मेला में आना बंद हो गया। राजा महाराजा भी कभी अपने अस्त्र को खरीदने सोनपुर मेला में आया करते थे लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने तलवार, भाला, पारंपरिक हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
सोनपुर मेले में 6 थिएटर लगाए गए हैं, जिसमें इस बार 500 से अधिक कलाकार सोनपुर मेले में आए हैं। माता वैष्णो देवी के तर्ज पर मंदिर भी बनाई गई है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ठंढ मौसम को देखते हुए भारी संख्या में ऊनी कपड़ों की दुकानें भी लगाई गई है। बिहार के कई जिले से कारोबार करने व्यवसायी सोनपुर मेला में पहुंचे हैं। इतना ही नहीं कश्मीर से भी ऊनी कपड़ों के दुकानदार सोनपुर मेले पहुंचे हैं।
सोनपुर मेला में मुंबई, दिल्ली एवं कोलकाता का मीना बाजार लगा है, जो महिलाओं और बच्चों को अपनी ओर खींच रहा है। उस मीना बाजार में भारी संख्या में महिला और बच्चे सामानों की खरीदारी कर रहे हैं। सोनपुर मेले में उत्तर प्रदेश, कश्मीर सहित कई राज्यों से कारोबारी पहुंचे हैं। अधिकांश कारोबारी ऊलेन कपड़ा, कंबल आदि के हैं। इसके अलावे अन्य कपड़ों की भी दुकानें लगाई गयी हैं। मेला घूमने आने वाले लोग यहां से ऊलेन कपड़ों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। कपड़ों की दुकानें सजी हैं।
सोनपुर मेले में आने वाले लोगों के लिए एक से बढ़कर एक लाजवाब व्यंजन की दुकानें सजीं हैं। ग्रामीण एवं शहरी परिवेश से इस मेले में आने वाले लोग हर तरह के व्यंजन का स्वाद चख रहे हैं। गुड़ की जलेबी लोगों को खूब भा रही है इसलिए उसे लोग प्यार से खा भी रहे हैं और पैकिंग कराकर अपने घर भी ले जा रहे हैं। सोनपुर मेला में दूर-दूर से भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं और मेला का मजा ले रहे हैं। सोनपुर मेले में बच्चों के लिए झूले तो बड़ों के लिए थिएटर का भी इंतजाम किया गया है। पर्यटन विभाग अपने पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन करवा रही है।
जिला प्रशासन ने पर्यटन विभाग के पंडाल में रात्रि 10 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया है, जिसमें हर दिन विभिन्न स्थानीय बॉलीवुड के तमाम कलाकार शामिल होते हैं। सोनपुर मेले में सरकार की ओर से विभिन्न सरकारी योजना एवं सरकारी विभागों का अलग से स्टॉल भी लगाया गया है। वहीं बिस्कोमान की तरफ से 25 रुपये प्रति किलो प्याज एवं 60 रुपये प्रति किलो चना का दाल, आटा सहित तमाम चीजें बेची जा रही हैं। पर्यटकों के लिए पूर्व मध्य रेल के द्वारा रेल ग्राम लगाया गया है, जिसमें रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा रेलवे संबंधित तमाम जानकारी रेल ग्राम में दी जा रही है।