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Bihar News: राजद प्रवक्ता का बड़ा आरोप, बोले- राजभवन में ईवीएम हैकर ठहरे हैं; जानें क्या मिला जवाब
Fri, 31 May 2024 09:38 AM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Fri, 31 May 2024 09:38 AM IST
सार
पोस्ट वायरल होने के बाद राज्यपाल के प्रधान सचिव ने कहा कि यह पोस्ट भ्रामक और तथ्यहीन हैं। यह राजभवन को बदनाम करने की साजिश है। इसके बाद ईओयू ने इस मामले को गंभीरता से लिया। फौरन एसआईटी का गठन किया है। टीम में जांच के बाद नीतेश कार्तिकेन पर केस दर्ज कर लिया।
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ईवीएम (सांकेतिक)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि राजभवन में दो ईवीएम हैकर ठहरे हैं। इतना ही नहीं शक्ति यादव के पोस्ट को आगे बढ़ाते हुए राजद के आईटी सेल के इंचार्ज नीतेश कार्तिकेन ने एक और पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा कि भारत के गृह मंत्री अमित शाह के इशारों पर राजभवन पटना में दो ईवीएम हैकरों को रुकवाया गया है। इस पोस्ट के बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर भड़क गए। इसके बाद राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल. चोंग्थू ने आर्थिक अपराध इकाई से इसकी शिकायत कर दी।
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राज्यपाल ने हमारे ऊपर केस दर्ज किया है
प्रधान सचिव ने कहा कि यह पोस्ट भ्रामक और तथ्यहीन हैं। यह राजभवन को बदनाम करने की साजिश है। इसके बाद ईओयू ने इस मामले को गंभीरता से लिया। फौरन एसआईटी का गठन किया है। टीम में जांच के बाद नीतेश कार्तिकेन पर केस दर्ज कर लिया। अब केस दर्ज होने के बाद नीतेश ने फिर से पोस्ट किया है। उसने लिखा कि राज्यपाल ने हमारे ऊपर केस दर्ज किया है। अगर कोई चर्चा चौक-चौराहों पर मत मूल्यवान है अगर कोई चर्चा चौक चौराहों पर मत के साथ छेड़छाड़ कि होने लगे तो सहज प्रहरी होने के नाते लोकतांत्रिक मूल्य एवम मौलिक अधिकार की रक्षा हेतु सवाल को जनता के बीच में रखना एक नागरिक के तौर पर नैतिक जिम्मेदारी है। सत्य और असत्य कि पहचान करना शासन कि जिम्मेवारी है। कर्तव्य के निर्वहन करने के बजाय प्राथमिकी की धमकी भरा पत्र पत्राचार करना एक संदेह को और जन्म देता है, पर सत्य तो सत्य ही होता है न? ये बिहार है लोग यहां के सजग हैं नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन अगर करते हैं तो किसी तरह के दवाब से निपटने का जज्बा भी रखते हैं, चुकी मैं बिहारी हूं , हम तो कर्तव्य निभायेंगे जी।
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जानिए, राजद के मुख्य प्रवक्ता ने क्या पोस्ट किया था
चर्चा है कि दो संदिग्ध व्यक्ति जिसका नाम पी कश्यप और डॉ. एमके भाई है। यह दोनों व्यक्ति राजभवन में ठहरा हुआ है। बिहार के मुख्यमंत्री ही यहां के गृह मंत्री हैं, अब ऐसे में नीतीश कुमार जी को जवाब देना चाहिए कि राज्य भवन में ये दोनों व्यक्ति किस हैसियत से ठहरा हुआ है। क्या ये कोई आईएएस है या कोई विभाग का अधिकारी हैं? इसका जवाब मुख्यमंत्री देंगे या चुनाव आयोग देगा? सूचना यह भी है कि यह दोनों व्यक्ति ईवीएम मशीनों की हैकिंग के विशेषज्ञ हैं। एक जून को पटना के नजदीक पाटलिपुत्र और पटना साहिब लोक सभा में वोटिंग होनी है, ऐसे में कैसे कोई संदिग्ध व्यक्ति राज्य भवन में ठहर सकता है?
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