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Fake Currency : सॉफ्टेवयर इंजीनियर के घर पर पहुंची NIA तो पाकिस्तान से जुड़े तार; देश में खपाता था जाली नोट
Wed, 19 Feb 2025 05:18 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भागलपुर
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 19 Feb 2025 05:18 PM IST
सार
Bihar News: एनआईए की टीम ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं। जाली नोटों का नेटवर्क पाकिस्तान और कश्मीर में सक्रिय देशविरोधी संगठनों से जुड़ा हुआ है।
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एनआईए - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार सुबह भागलपुर में जाली नोट के कारोबार से जुड़े आरोपितों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई इशाकचक थाना क्षेत्र के भीखनपुर इलाके में की गई, जहां एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से नजरे सद्दाम के घर की तलाशी ली और परिजनों से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी बिहार के मोतिहारी में पिछले साल सितंबर 2024 में हुए एक बड़े खुलासे के बाद की गई, जब भारत-नेपाल सीमा के पास पुलिस ने दो लाख रुपये के जाली नोटों के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें भागलपुर निवासी नजरे सद्दाम भी शामिल था, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के बावजूद जाली नोटों के नेटवर्क का हिस्सा बना हुआ था।
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पाकिस्तानी एजेंटों से कनेक्शन
जांच एजेंसी को ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि जाली नोटों का नेटवर्क पाकिस्तान और कश्मीर में सक्रिय देशविरोधी संगठनों से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि नजरे सद्दाम नेपाल के भोरे गांव में दो स्थानीय तस्करों के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों से मिला था और उन्हीं की मदद से जाली नोटों को भारत में सप्लाई करता था।
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कश्मीर तक पहुंचा था नेटवर्क
एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि नजरे सद्दाम पहले भी दिल्ली होते हुए कश्मीर के अनंतनाग तक जाली नोटों की खेप पहुंचा चुका था। वहां उसकी मुलाकात उग्रवादी संगठनों से जुड़े लोगों से हुई थी। वह नेपाल के संतोष सहनी के माध्यम से रुपये लेकर कश्मीर के सरफराज तक पहुंचाता था, जो इन पैसों का इस्तेमाल उग्रवादी गतिविधियों में करता था।
छापेमारी में मिली अहम जानकारी
एनआईए की टीम ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं, जिनसे इस रैकेट के और विस्तार की जानकारी मिलने की संभावना है। हालांकि, अधिकारियों ने फिलहाल जांच से जुड़ी अधिक जानकारी साझा करने से इनकार किया है। एनआईए की इस कार्रवाई से जाली नोट कारोबार में लिप्त बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसने की उम्मीद है। जांच एजेंसी अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके संपर्कों को ट्रैक कर रही है।