Bihar News: मंत्री नितिन नवीन बोले- नगर निकाय की स्वायत्तता में नहीं आएगी कमी, अधिकारों का ख्याल रखेगी सरकार
मंत्री नितिन नवीन ने पटना के मौर्या होटल में गुरुवार को आयोजित होने वाले अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम अभ्यास और रोडमैप विकसित करना से जुड़ी जानकारी साझा की। एकदिवसीय आयोजन में सभी 19 नगर निगमों के महापौर, नगर आयुक्त, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत आठ राज्य के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
विस्तार
पटना के विकास भवन में नगर विकास एवं आवास मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि नगरपालिका विधेयक 2024 को लेकर मंगलवार को विकास भवन में कई नगर पालिकाओं के महापौर और नगर परिषद के सदस्यों के साथ चर्चा हुई। जहां माननीय मंत्री जी ने उनके द्वारा दिए गए सुझाव को सुना, साथ ही उसपर सकारात्मक रूप से विचार करने के लिए आश्वस्त किया। कि विधेयक पर बैठक के दौरान महापौर और नगर परिषद के सदस्यों द्वारा कई तरह के विचारों को साझा किया गया, जिसे सुनने के बाद आश्वस्त किया गया कि नगर पालिका की स्वायत्तता में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आएगी। साथ ही नगर पालिका के अधिकारों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जायेगा। यह बातें उन्होंने पटना के विकास भवन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहीं।
आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ शामिल होंगे
मंत्री नितिन नवीन ने पटना के मौर्या होटल में गुरुवार को आयोजित होने वाले अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम अभ्यास और रोडमैप विकसित करना से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस एकदिवसीय आयोजन में सभी 19 नगर निगमों के महापौर तथा नगर आयुक्त, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, हरियाणा तथा तमिलनाडु समेत आठ राज्यों के नगर विकास विभाग के पदाधिकारी तथा देश एवं विदेश की 24 कम्पनियों के प्रतिनिधि, भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के निदेशक विनय कुमार झा और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस दौरान विभिन्न राज्यों या कम्पनियों के प्रतिनिधियों द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में किये गये उत्कृष्ट कार्यों के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया जायेगा।
चिन्हित कर प्रसंस्करण संयंत्र लगाये जाने का प्रस्ताव
मंत्री ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के राज्य के शहरी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उपयोग किये गये जल का प्रबंधन, शौचालय का निर्माण, सूचना, शिक्षा एवं संचार एवं क्षमता वर्द्धन से संबंधित योजनाओं का कार्यान्वयन किया जाना है। राज्य के नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु एकीकृत समेकित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पद्धति अपनायी जा रही है। इसके अंतर्गत राज्य के नगर निकायों को क्लस्टर के रूप में विभाजित कर योजना का कार्यान्वयन किया जाना है। इसके अंतर्गत एक नगर निकाय को के रूप में चिन्हित कर प्रसंस्करण संयंत्र लगाये जाने का प्रस्ताव है। आधुनिक तकनीक के आधार पर समेकित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु सर्वप्रथम राज्य की राजधानी पटना एवं इसके आस-पास के 11 अन्य नगर निकायों में योजना का कार्यान्वयन जन-निजी सहभागिता के आधार पर किया जाना प्रस्तावित है।