PM Modi : जदयू ने प्रधानमंत्री को कहा- बातें बनाना बंद करें, पर्यावरण रैंकिंग में 180 देशों में सबसे नीचे भारत
JDU Party : केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जदयू ने लगातार सबूत पेश करने की योजना बनाई है। गुरुवार को जदयू ने दिखाया कि 180 देशों की पर्यावरण रैंकिंग में भारत 180वें नंबर पर है।
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जदयू ने भाजपा पर एक बार फिर से निशाना साधा है। जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि एक तरफ भाजपा के लोग दम्भ भरते हैं। हमलोग उनकी पोल खोलते हैं, उन्हें मिर्ची लगती है। कुछ दिन पहले लालकिला की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी-बड़ी बातें कही। बता रहे थे कि इंटरनेशनल रैंकिंग में देश का गौरव लगातार बढ़ रहा है। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि EPI (Environmental Performance Index) ने जो डाटा दिया है। इसमें 40 मानकों पर 180 देशों आकलन किया गया है। इसमें आपको जानकर दुख होगा कि भारत इस रैंकिंग में 180 नंबर है। जदयू प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पर्यावरण को लेकर इतना काम किया। इसको लेकर कोरोना काल के समय संयुक्त राष्ट्र संघ ने उन्हें क्लाइमेट लीडर की उपाधि दी गई। वहीं जब भारत को रैंकिंग दी गई उसमें देश को नीचे के स्थान पर रखा गया है। यह दुखद है।
क्लास 3 से 5 में पर्यावरण के विषय को ही विलोपित कर दिया गया
मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राजनीत के पर्यावरण का नुकसान तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जय शाह के पिता अमित शाह ने तो किया ही। और पर्यावरण के रैंकिंग में देश को कहां पहुंचा दिया। उन्होंने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम नीति जो जारी की गई है, उसमें क्लास 3 से 5 में पर्यावरण के विषय को ही विलोपित कर दिया गया। जल जीवन हरियाली जैसी योजना चलाकर नीतीश कुमार ने संयुक्त राष्ट्र में तारीफें पाई।
भारत चांद पर पहुंच चुका और भाजपा इसे दैवीय आपदा मान रही
केंद्र सरकार वज्रपात को आपदा नहीं मानती है। क्या यह दैवीय आपदा है तो भाजपा वाले स्पष्ट कीजिए कि सावन में महामृत्युजंय का पाठ कब शुरु कीजिएगा। बरसात के समय में सबसे ज्यादा मौत वज्रपात से होता है। कुतुबमीनार पर वज्रपात हुआ, उसका ऊपरी हिस्सा गिर गया। इससे गांव के भूमिहीन किसान, गरीब लोग इसके शिकार होते हैं। क्या आपने इसे राजनीतिक कारणों से इसे आपदा नहीं माना। सीएम नीतीश कुमार राज्य के राहत कोष से 4 लाख रुपये पीड़ित परिवार को देते हैं। आप चवन्नी तक नहीं देते हैं। अब भारत चांद पर पहुंच चुका और आप इसे दैवीय आपदा मान रहे हैं। अगर आप धर्म के बड़े ठेकेदार हैं तो वज्रपात से मरने वालों को भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया। क्या आर्थिक मदद की डर से आपने ऐसा किया। भाजपा के गरीब, पिछड़े, चरवाहा समाज के लोगों की मौत पर भाजपा के नेता मदद क्यों नहीं दे रहे।