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Bihar : इस जिले के उत्थान और पतन की कहानी में ही समाहित है बिहार की कहानी, ऐसा क्यों कहा आईपीएस अधिकारी ने

Sun, 09 Feb 2025 08:21 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Sun, 09 Feb 2025 08:21 PM IST
सार

Let's Inspire Bihar : अखंड भारत का साम्राज्य इसी बिहार की भूमि से बना है। जब ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की कहीं कोई परिकल्पना नहीं थी उस समय हमारे यहां नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्व-प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय थे।

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Bihar News : IPS officer Vikas Vaibhav Namaste Bihar organized Let's Inspire Bihar campaign Vaishali bihar
आईपीएस अधिकारी विकास वैभव - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के तत्वाधान में नमस्ते बिहार का आयोजन वैशाली में किया गया।  बृहत जनसंवाद के रूप में यह पांचवां जनसंवाद था, जिसमें हजारों की संख्या में लोग जमा हुए। उन लोगों ने जाति-संप्रदाय, लिंगभेद और विचारधाराओं के मतभेदों से उपर उठकर 2047 तक विकसित बिहार गढ़ने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने कहा कि वैशाली के उत्थान और पतन की कहानी में ही बिहार के ऐतिहासिक उत्कर्ष और वर्तमान पतन की कहानी छिपी है, जिसे आज हम सबको समझने एवं उस पर विचार करने की जरूरत है। विकास वैभव ने कहा कि वैशाली एक प्रतीक है उस प्राचीन महाजनपद की जिसका संदेश ही था - अनेकता में एकता। उस समय के वैशाली में क्या अलग था यह समझने की जरूरत है। वैशाली विश्व का प्रथम गणराज्य ऐसे ही नहीं बना था। उसके पीछे एक बृहत, व्यापक एवं दूरदर्शी दृष्टि थी।

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विकास वैभव ने जनसभा को संबोधित करते हुए यह कहा कि वैशाली का जो समय था, उस समय तात्कालीन समूचे विश्व में यह व्यवस्था थी कि एक शासक वर्ग के वंशज ही शासक बनेंगे। उन्होंने कहा कि पौराणिक ग्रंथों यथा वाल्मीकि रामायण एवं अन्य कुछ ग्रंथों को पढ़ने से हम यह पता चलता है कि वैशाली में भी इसी तरह की राज्यसत्ता स्थापित थी। परन्तु, कालांतर में बुद्धचरित एवं अन्य कुछ ग्रंथों को पढ़ने से हमे यह पता चलता है कि उस समय वैशाली के तात्कालीन शासक वर्ग से एक भयंकर भूल हुई जिसकी चहुंओर निंदा होने लगी। उस शासक का वंश नष्ट हो गया। और, तब धीरे-धीरे वैशाली की उस स्थापित शासन-व्यवस्था का अंत होने लगा। लोगों को लगने लगा कि अगर वंश-आधारित शासन व्यवस्था रहेगा तब योग्य लोगों का शासक के रूप में चुनाव नहीं हो सकता है, और इस विचार ने धीरे-धीरे वैशाली में विश्व के प्रथम गणराज्य की आधारशिला रखी, जब पूरे विश्व में कहीं भी ऐसी शासन-व्यवस्था की कहीं कोई परिकल्पना नहीं थी।
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बिहार के चर्चित आईपीएस अधिकारी ने जनसभा में उपस्थित उत्साहित भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि अखंड भारत का साम्राज्य इसी बिहार की भूमि से बना है। जब ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी की कहीं कोई परिकल्पना नहीं थी उस समय हमारे यहां नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्व-प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय थे। उन्होंने कहा कि वैशाली के ऐतिहासिक उत्कर्ष का अंत क्यों हुआ यह भी समझना उतना ही जरूरी है, क्योंकि इसी कहानी में बिहार के वर्तमान चिंताजनक स्थिति का रहस्य छिपा हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर वैशाली के उत्कर्ष के पीछे अनेकता में एकता का संदेश समाहित था, वहीं इसके पतन के पीछे आपसी संघर्ष, स्वार्थ, ईर्ष्या, फूट, अहंकार, एवं एक व्यापक दृष्टि से पीछे हटना जैसे कारण थे। मगध सम्राट द्वारा भेजे गए एक वस्साकार ने परस्पर फूट डालकर एक सशक्त वैशाली का नाश कर दिया। ठीक उसी प्रकार आज बिहार में अनेक वस्साकार इसे खंड-खंड करने के लिए रात दिन प्रयत्नशील हैं। हमें उन्हें समझने एवं दूर करने की जरूरत है।
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 विकास वैभव ने कहा कि इस जनसंवाद में इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों का मतलब यह है कि अब लोग जाति-संप्रदाय से ऊपर उठकर बिहार को विकसित होते हुए देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सासाराम, आरा, बेगूसराय, सारण की ऐतिहासिक सभाओं के पश्चात वैशाली में भी हजारों की संख्या में आमजनों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि व्यक्ति से बड़ा उसका विचार होता है। लेट्स इन्सपायर बिहार अब हर बिहार के युवा का अभियान बन चुका है । 

विकास वैभव ने कहा कि बिहार के प्राचीन उत्कर्ष का कारण इसकी मिट्टी में निहित वेदांत की दृष्टि है, जिसमें परस्पर भेदभाव का कोई स्थान नहीं है, एवं इसका भविष्य शिक्षा, समता एवं उद्यमिता में निहित है जिसको केंद्र में रखकर लेट्स इंस्पायर बिहार आगे बढ़ रहा है। सभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विकास वैभव ने आगे कहा कि राष्ट्र निर्माण हर व्यक्ति का दायित्व है। आप सबको बदलाव का वाहक बनना होगा, आप सबको स्वयं बिहार के उज्ज्वलतम भविष्य निर्माण का दायित्व ग्रहण करना होगा। 

विकास वैभव ने यह भी कहा कि बगहा और रोहतास में परिवर्तन इसलिए संभव हो सका क्योंकि वहां के लोगों ने अपने यशस्वी पूर्वजों की बृहत जीवनदृष्टि को पहचाना। वैभव ने इस बात पर जोर देते हुए कहा  कि बिहार का विकास सिर्फ उद्यमिता की क्रांति से संभव है जिसमें मुझे आप सबलोगों का साथ चाहिए। बिहार में लाखों की संख्या में स्टार्ट-अप्स की सफलता के लिए एक व्यापक इकोसिस्टम निर्मित करना होगा। संपूर्ण राज्य में शिक्षा एवं उद्यमिता के व्यापक प्रसार के साथ-साथ हर जिले में अलग-अलग विधायों के सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने होंगे । हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों ने विकास वैभव के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि "मैं बदलूंगा बिहार ! मैं करूंगा अपने पूर्वजों की भूमि का पुनरुद्धार !"

विशिष्ट अतिथियों में प्राइवेट स्कूल्स एन्ड चिल्ड्रेन वेल्फेयर एशोसियेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षण पुरातत्ववेता सुजीत नयन, प्राइवेट स्कूल्स एवं चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के वैशाली जिलाध्यक्ष कृति प्रकाश, लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के वैशाली जिला के मुख्य समन्वयक एवं कार्यक्रम के मुख्य संयोजक किशलय किशोर, सचिव अभिषेक आयुष, मुंबई से विशेष रूप से पधारे सुप्रसिद्ध गजल गायक कुमार सत्यम, औरंगाबाद के चर्चित समाजसेवी लव कुमार सिंह, अभियान के कला-संस्कृति मंच की मुख्य समन्वयक नम्रता कुमारी उपस्थित जैसे लोग उपस्थित थे।

अन्य उपस्थित मुख्य आगंतुकों में अभियान के मुख्य समन्वयक राहुल कुमार सिंह, उद्यमिता अध्याय के मुख्य समन्वयक मोहन कुमार झा, उद्यमिता अध्याय के मुख्य सलाहकार ओपी सिंह, वैशाली के शिक्षाविद जीवेश जी, अभय जी, अजिताभ जी, राजु खान जी, शशिरंजन जी, अमरंजय जी, चंदन जी, नम्रता जी, विभा जी, डॉक्टर नीति शुक्ला जी, डॉक्टर निशा शुक्ला जी, इंजीनियर सोनू ठाकुर जी, सतीश गांधी जी, डॉक्टर रमन किशोर जी, रोहित जी, आशीष रंजन जी, रामावतार राय जी, राकेश सिंह जी, इंद्रमोहन यादव जी, लूशी भारत जी, प्रभाकर राय जी, अनूप नारायण जी, पंडित लक्ष्मनाचार्य जी, रवि जी, राहुल जी, उत्पल यादव जी उपस्थित थे।

प्राइवेट स्कूल्स ऐंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये देश तब तक विकसित नहीं हो सकता जबतक बिहार विकसित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विकसित बिहार से उनका आशय है कि वे 25 लाख बिहारी कामगार जो दयनीय दशा में राज्य के बाहर काम करने को विवश हैं, वो सम्मानपूर्वक वापस बिहार आकर काम कर सकें। 

प्राइवेट स्कूल्स ऐंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के वैशाली जिलाध्यक्ष कीर्ति प्रकाश ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा बिहार एवं यहां का विद्यार्थी एवं युवा समाज कदम से कदम मिलाकर विकास वैभव के साथ चलने के लिए तैयार है। सभा को संबोधित करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधीक्षण पुरातत्ववेता सुजीत नयन ने कहा कि बिहार को विकसित बनाने के लिए विकास वैभव की सोंच में एक दूरदर्शिता है और हम सबको उनका साथ देना चाहिए। सभा को संबोधित करते हुए मुंबई से विशेष रूप से सभा में शरीक होने आए सुप्रसिद्ध गजल गायक कुमार सत्यम ने कहा कि लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान बिहार की बेहतरी के लिए आरम्भ किया गया है और इसमें हम सबको मिलकर विकास वैभव जी का साथ देना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक किशलय किशोर ने कहा कि विकास वैभव जी अपनी तमाम व्यस्तताओं से समय निकालकर बिहार के बेहतर भविष्य के लिए एक शानदार प्रयास कर रहे हैं, और मैं इसमें हम सबको उनका तन, मन और धन से साथ देना चाहिए।

बिहार के उज्ज्वलतम भविष्य निर्माण हेतु संकल्पित अभियान लेट्स इंस्पायर बिहार की स्थापना 22 मार्च 2021 को बिहार के चर्चित एवं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव के आह्वान पर हुआ था।इसका उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत में एक ऐसे विकसित बिहार का निर्माण है जिसमें किसी व्यक्ति को शिक्षा, रोजगार अथवा स्वास्थ्य के लिए अन्यत्र जाने की आवश्यकता न हो। शिक्षा, समता और उद्यमिता के मूल मंत्रों पर आधारित अभियान में मातृभूमि की समृद्ध विरासत से प्रेरणा लेकर लघुवादों (जातिवाद, सम्प्रदायवाद, लिंगभेद इत्यादि) से उपर उठकर राष्ट्रहित में योगदान करने की परिकल्पना है। आज लगभग 1,50,000+ व्यक्ति स्वैच्छिक रूप से अभियान के अंतर्गत गठित अध्यायों में जुड़कर सकारात्मक योगदान समर्पित करने का प्रयास कर रहे हैं ।

अभियान के अंतर्गत बिहार में उद्यमिता की व्यापक क्रांति लाने का लक्ष्य है जिससे बिहार में ही रोजगार का अधिकाधिक सृजन हो सके। हर बिहारवासी को शिक्षित एवं स्किल्ड बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को जोड़कर एक व्यापक इकोसिस्टम निर्मित करने की आवश्यकता है जिसमें जो युवा स्वरोजगार, स्टार्ट-अप, उद्यम एवं व्यवसाय की ओर बढ़ते हैं उन्हे आवश्यक हरसंभव सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया जा सके। उद्यमिता की क्रांति के बीजारोपण के लिए बिहार के हर जिले में 2028 तक अभियान के माध्यम से 100+ व्यक्तियों को रोजगार प्रदान करने की क्षमता वाले कम से कम 5 सफल स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य है। इसी उद्देश्य को लेकर बीते 25 अगस्त, 2024 को पटना के विद्यापति सभागार में स्टार्ट-अप समिट का आयोजन किया गया था और दिसंबर 2024 में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित बिहार 2047 विजन कॉन्क्लेव (सीजन 2) तो अनेक मायनों में ऐतिहासिक रहा।

अभियान के संदेशों को हर ग्राम-नगर के जन-जन तक पहुंचाने तथा उद्देश्यों में समाज के हर वर्ग की अधिकाधिक सहभागिता के लिए बृहत जन संवादों का प्रारंभ बेगूसराय से बीते 10 दिसंबर, 2023 को किया गया जिसमें 50,000+ व्यक्ति सम्मिलित हुए। 21 जनवरी, 2024 को आरा के महाराजा काॅलेज में द्वितीय बृहत जन संवाद में भी हजारों सम्मिलित हुए और 1 दिसंबर, 2024 को सासाराम (रोहतास) के तृतीय बृहत जन संवाद में भी 50,000+ व्यक्ति सम्मिलित हुए । वहीं सारण के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित चतुर्थ बृहत जनसंवाद में भी 30 से 35 हजार लोगों की उपस्थिति रही। 


बिहार के सभी जिलों में, भारत के प्रमुख महानगरों में तथा विदेशों में अभी तक 1600+ कार्यक्रम हो चुके हैं। अभियान के अंतर्गत आज 10,000 से अधिक सफल उद्यमी साथ जुड़कर स्वैच्छिक योगदान कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत अनेक स्टार्टअप सम्मेलनों तथा वाइब्रेंट बिहार ग्लोबल काॅन्क्लेव का आयोजन पटना में वर्ष 2022 तथा 2023 में किया गया है । दिल्ली के एनडीएमसी सभागार में वर्ष 2021 में बिहार उद्यमिता सम्मेलन तथा 2023 में बिहार विजन @ 2047 काॅन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया, जिसका दूसरा सीजन दिसंबर 2024 में दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुआ। दुबई, दिल्ली, मुंबई, बेंगलूरू, हैदराबाद, पुणे और वडोदरा में भी बिहार संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से उद्यमियों को अभियान के साथ जोड़ा गया है। अनेक सफल उद्यमी ऐसे समिट में समय-समय पर स्टार्ट-अप को सलाह देते रहते हैं। चिकित्सकों द्वारा स्थापित जीवक अध्याय द्वारा आयोजित 250 से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों में 35,000+ वंचित व्यक्ति लाभान्वित हो चुके हैं। महिलाओं द्वारा स्थापित गार्गी अध्याय द्वारा आज बिहार के 8 जिलों में वंचित विद्यार्थियों के लिए 18 गार्गी पाठशाला केन्द्रों पर निःशुल्क शिक्षादान समर्पित किया जा रहा है तथा वंचित महिलाओं के स्वरोजगार हेतु गार्गी कला कौशल केंद्रों तथा गार्गी कृत्या के माध्यम से उत्कृष्ट प्रयास किया जा रहा है। बिहार के अनेक जिलों यथा सिवान, पटना, गया, औरंगाबाद, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय में निःशुल्क शिक्षा केंद्र चल रहे हैं ।

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