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जीजा से बात गैरकानूनी नहीं : बिहार के कोर्ट में पहुंचा अजीबोगरीब केस, पत्नी की बहन से बात कर फंस गया था

Wed, 07 Feb 2024 10:46 AM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: आदित्य आनंद Updated Wed, 07 Feb 2024 10:46 AM IST
सार

कोर्ट ने अपर लोक अभियोजक से पूछा कि जीजा और साली के बीच हुई वार्तालाप कौन-सा जुर्म है? जिसपर अपर लोक अभियोजक की ओर से कोई जबाव नहीं दिया गया। 

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Bihar News : Court Case status in kidnapping of sister in law Brother in law got bail from muzaffarpur court
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

जीजा और साली में बातचीत कोई जुर्म नहीं है। कोर्ट ने इसे माना है। एक अजीबो-गरीब मामला मुजफ्फरपुर से सामने आया है। दरअसल, पारू थाना क्षेत्र के दाऊदपुर निवासी खैरुन खातून की नतिनी जैनव खातून का अपहरण दो वर्ष पूर्व कर लिया गया था। इस संबंध में खैरुन खातून के आवेदन पर पारू थाना में अपहरण की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई। तत्पश्चात पुलिस द्वारा अनुसंधान प्रारम्भ हुआ। पुलिस अनुसंधान के क्रम में जैनव खातून के मोबाइल पर आरती कुमारी और मोहम्मद आलम का कॉल गया हुआ था, इसका पता चला। घटना के बाद से ही जैनव खातून का मोबाइल बंद हो गया।

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जीजा और साली के बीच हुई बातचीत कोई जुर्म नहीं है
पुलिस ने मो. आलम के घर पर छापेमारी शुरू कर दी। मो. आलम ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल किया, जिसकी सुनवाई कोर्ट में हुई। सुनवाई के दौरान मो. आलम, जो कि जैनब खातून के जीजा है। इस बात को मो. आलम की तरफ से बहस कर रहे मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने कोर्ट को बताया। बहस के दौरान मानवाधिकार अधिवक्ताने कहा कि जीजा और साली के बीच हुई वार्तालाप कोई जुर्म नहीं है बल्कि यह मानव का अधिकार है। जीजा, साली से और साली, जीजा से बात कर सकती है।
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जीजा, साली से और साली, जीजा से बात कर सकती है
तब जिला की कोर्ट ने अपर लोक अभियोजक से पूछा कि जीजा और साली के बीच हुई वार्तालाप कौन-सा जुर्म है? जिसपर अपर लोक अभियोजक की ओर से कोई जबाव नहीं दिया गया। और, साथ-ही-साथ अधिवक्ता एस. के. झा ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस के द्वारा प्राथमिकी में अंकित वाहन मालिक पर कार्रवाई नहीं की जा रही है और निर्दोष को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। अब अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए एडीजे आठ के न्यायालय द्वारा आवेदक मो. आलम को जमानत दे दी। इस, सुनवाई के दौरान कांड की सुचिका खैरुन खातून भी कोर्ट में उपस्थित थी।

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