KC Tyagi : सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से केसी त्यागी का इस्तीफा; राजीव को जिम्मा
JDU Party : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू की राष्ट्रीय पहचान केसी त्यागी अब नहीं बोलना चाहते। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी ने नया राष्ट्रीय प्रवक्ता तत्काल घोषित भी कर दिया है।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से राष्ट्रीय महासचिव किशन चंद त्यागी (केसी त्यागी) ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 'अमर उजाला' से बातचीत में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि 1984 से इस तरह की भूमिका में रहा। वह कर्पूरी ठाकुर, बीजू पटनायक आदि का जमाना था। तब इस भूमिका को निभा रहा हूं। अब हर समय बात करने की उम्र नहीं रही, इसलिए राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी छोड़ दी है।
मैं इस पद के साथ न्याय नहीं कर पा रहा हूं
वहीं केसी त्यागी ने पत्र के माध्यम से सीएम नीतीश कुमार को लिखा कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि मुझे (पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के) पद से मुक्त करें क्योंकि मैं इस पद के साथ न्याय नहीं कर पा रहा हूं। अन्य कार्यों में मेरी भागीदारी रहेगी। इधर, जनता दल यूनाईटेड के महासचिव आफाक अहमद खान ने चिट्ठी जारी कर यह जानकारी दी। कहा कि केसी त्यागी ने प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे दिया गया है। उन्होंने पद छोड़ने का कारण निजी बताया है। उनकी जगह राजीव रंजन प्रसाद को जदयू का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है।
सीएम नीतीश कुमार का आभारी हूं
इधर, राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि केसी त्यागी ने निजी और व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और पार्टी के साथ हैं। जहां तक हमारी नियुक्ति का सवाल है तो पार्टी ने पूर्व में भी जो जिम्मेदारी दी है उसको ईमानदारी के साथ मैंने किया है। मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभारी हूं। निःसंदेह जो पार्टी की अपेक्षाएं हैं उस कसौटी पर मैं खरा उतरने की कोशिश करूंगा।
22 मई 2023 को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया था
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ लंबे समय तक काम कर चुके किशनचंद त्यागी को जनता दल यूनाईटेड (JDU) की 22 मई 2023 एक बार फिर इज्जत के साथ पद पर वापसी हुई थी। इस बार उन्हें विशेष सलाहकार बनाया गया, लेकिन मुख्य धारा में रखने के लिए राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी दी गई। राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता के पद से उन्हें मार्च महीने में हटाया गया था, तब उन्होंने कहा था कि वह पार्टी के किसी जिम्मेदारी वाले पद पर खुद काम नहीं करना चाहते हैं।
पहली बार 1989 में इस सीट से सांसद बने
1989 में हापुड़-गाजियाबाद सीट से पहली बार जनता दल के प्रत्याशी किशन चंद त्यागी को लोगों ने जिताकर संसद भेजा। राजनीति में सक्रिय होने और स्थानीय होने का उन्हें पूरा लाभ मिला। हालांकि उनका कार्यकाल दो साल ही रहा। इस दौरान वह जनता के बीच ही उपलब्ध रहे। 73 वर्षीय केसी त्यागी पहली बार चौधरी चरण सिंह की पार्टी लोकदल से 1984 में गाजियाबाद-हापुड़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़े और कांग्रेस के केदारनाथ सिंह से हार गए। वह दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें 22.5 फीसदी वोट मिले।
1989 में जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव बने
दूसरी बार 1989 में जनता दल के राष्ट्रीय महासचिव बने और गाजियाबाद से चुनाव लड़ा। उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता और सांसद बीपी मौर्य को हरा दिया। 1991 में वह इसी सीट से तीसरी बार जनतादल के टिकट से चुनाव लड़े और भाजपा के रमेश चंद तोमर से हार गए। वह करीब 24 हजार वोटों से हार गए। इसके बाद 1996 में वह समाजवादी पार्टी के टिकट से गाजियाबाद सीट से चौथी बार चुनाव लड़े लेकिन उन्हें हार का समाना करना पड़ा। इस चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहे। 2004 में मेरठ सीट से जनतादल यूनाइटेड के टिकट पर चुनाव लड़े लेकिन हार का सामना करना पड़ा। 2012 में बिहार से राज्यसभा सांसद बने। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के खास लोगों में हैं। वह जिले के मोरटा गांव के रहने वाले हैं।
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