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Bihar: प्रशांत किशोर को BPSC ने भेजा नोटिस, पूछा- सीट बेचने समेत कई झूठे-गंदे आरोप किस आधार पर लगाए, सबूत दें

Fri, 10 Jan 2025 10:27 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Fri, 10 Jan 2025 10:27 PM IST
सार

Bihar News: बीपीएससी की आईटी टीम ने कुल 40 ऐसे वीडियो इकट्ठा किए हैं, जिसमें कोई न कोई शख्स बीपीएससी पर कई तरह के आरोप लगा रहे। अब तक की जांच में कुछ नेताओं और शिक्षकों के खिलाफ आयोग को सबूत मिले हैं। अब बीपीएससी इन पर कार्रवाई करने जा रही है। 

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Bihar News: BPSC sent legal notice to Prashant Kishore, asked - basis for making false allegations
जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर और बीपीएससी के अध्यक्ष परमार रवि मनु भाई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार लोक सेवा आयोग अपने ऊपर तथ्यहीन आरोप लगाने वालों पर कार्रवाई कर रही है। आयोग की आईटी टीम ने कुल 40 ऐसे वीडियो इकट्ठा किए हैं, जिसमें कोई न कोई शख्स बीपीएससी पर कई तरह के आरोप लगा रहे हैं। बीपीएससी सूत्रों की मानें तो अब तक की जांच में छह नेता और सात शिक्षकों के खिलाफ आयोग को सबूत मिले हैं। जल्द ही इन्हें भी लीगल नोटिस भेजी जाएगी। इसी कड़ी में बीपीएससी ने सबसे पहले दो जनवरी से आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को नोटिस भेजा है। बीपीएससी ने इस नोटिस के जरिए प्रशांत किशोर से जवाब मांगा है। बीपीएससी के वकील संजय सिंह ने नोटिस में लिखा है कि आपने विभिन्न समाचार चैनल (मुख्य स्ट्रीम मीडिया और यूट्यूब चैनल) पर अपने इंटरव्यू के दौरान बीपीएससी पर झूठे, गंदे और निराधार आरोप लगाये हैं। इससे आयोग की छवि धूमिल हुई है। आयोग एक संवैधानिक संस्था है।

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बीपीएससी ने कहा- इस गैर-जिम्मेदाराना कृत्य ने पूर्वाग्रह पैदा कर दिया
बीपीएससी की ओर से प्रशांत किशोर को भेजी गई नोटिस में लिखा है कि 70वीं एकीकृत संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगी परीक्षा के संबंध में विभिन्न मोड के माध्यम से अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और सीटों की बिक्री के बारे में विशेष रूप से बिना किसी आधार के गलत आरोप लगाये हैं। इस तरह से आपके इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना कृत्य ने आयोग के प्रति बहुत पूर्वाग्रह पैदा कर दिया है, जो बीपीएससी की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। इन आरोपों ने छात्रों की अशांति, सामान्य अराजकता और अविश्वास सभी सार्वजनिक सुरक्षा, कानून और कानून के शासन को खतरे में डाल दिया है। इसलिए आप यह साबित करें कि किस आधार पर आपने (प्रशांत किशोर) ने इतने गंभीर आरोप लगाये। ऐसा नहीं करने पर आपके विरुद्ध आईटी अधिनियिम आदि में कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
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'एक पोस्ट के लिए डेढ़ करोड़ तक लिया जा रहा', इस आरोप का आधार क्या है?
बीपीएससी ने नोटिस में उनके वीडियो के लिंक भी भेजे हैं। तीन जनवरी को जारी एक वीडियो में प्रशांत किशोर कह रहे हैं कि बिहार के हर जिले में गली मोहल्ले में लोग जानते हैं कि इस बार जो बीपीएससी के एग्जाम हो रहे हैं, जिन पदों के लिए बीपीएससी के पदाधिकारियों के दलाल, शिक्षा माफिया, यहां के नेता डील कर रहे हैं। एक पोस्ट के लिए तीस लाख से डेढ़ करोड़ तक लिया जा रहा है। वहीं छह जनवरी को जारी वीडियो में प्रशांत किशोर ने कहा कि जो अनियमितता हुई, लूट हुई है, जो बच्चों के नौकरियों को सौ से डेढ़ सौ करोड़, एक-एक करोड़, डेढ़ करोड़ में बेची गई है। यह हजार करोड़ का घोटाला है। बीपीएससी के वकील ने ऐसे ही कुल तीन वीडियो का लिंक और बयान भेजकर प्रशांत किशोर से इन आरोपों का आधार पूछा है। 

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