Bihar Police : राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद अब भी सीएम नीतीश कुमार से बड़े वीआईपी; फिटनेस फेल गाड़ी का चालान नहीं
Lalu Yadav : बिहार में जब महागठबंधन की सरकार थी तो भले सीएम नीतीश कुमार थे, लेकिन बड़े भाई लालू प्रसाद यादव उनसे बड़े वीआईपी नजर आते थे। 'अमर उजाला' ने तभी सामने लाया था कि कोई कागज नहीं, मगर उनकी गाड़ी का चालान नहीं कट रहा।
विस्तार
- पटना ट्रैफिक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गाड़ी का चालान दूसरी बार कट चुका
- बीमा-प्रदूषण और फिटनेस फेल लालू प्रसाद की गाड़ी का एक बार भी नहीं चालान
- राजद के नाम निबंधित गाड़ी से चलते हैं लालू, खबर के बाद तुरंत PUC लिया था
- फॉलोअप देख बीमा भी कराया, मगर लालू की गाड़ी में फिटनेस फेल दिख रहा है
बिहार की राजधानी पटना में सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से अपराधी भले नहीं डरें, वाहन चालक जरूर सतर्क रह रहे हैं। यही कारण है कि बाइक पर दो लोग बैठे तो दोनों के सिर पर हेलमेट नजर आता है। चारपहिया पर सीट बेल्ट के बगैर शायद ही कोई दिखे। तीनपहिया गाड़ियों और स्कूली वाहनों के लिए छूट दिखती है, यह भी छिपा नहीं है। लेकिन, अब वीआईपी गाड़ियां भी सीसीटीवी कैमरे की नजरों में आ रहीं। ट्रैफिक का चालान कट रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गाड़ी का ही दो बार चालान कट गया। लेकिन, खबर इतनी ही नहीं है। खबर तो यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव अब भी सीएम नीतीश कुमार से बड़े वीआईपी हैं। उनकी गाड़ी बगैर फिटनेस के दौड़ रही है, लेकिन न तो विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव चिंतित हैं और न ही बिहार पुलिस को यह दिख रहा है।
'अमर उजाला' की खबर के बाद PUC और बीमा लिया
पिछले साल से पटना में ट्रैफिक चालान का खौफ है। इस जद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गाड़ी नहीं आई थी तो 'अमर उजाला' ने इस मुद्दे को उठाया था। वायरल भी हुआ था, जब सीएम नीतीश कुमार बगैर सीट बेल्ट लगाए ही आगे की सीट पर यात्रा करते दिखे थे। इसके बाद बिहार पुलिस जागी और अब तक दो बार सीएम की गाड़ी का चालान किया जा चुका है। दूसरी बार अभी चालान हुआ है, लेकिन पहले वाली राशि जमा नहीं हुई है। दूसरी तरफ, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की गाड़ी को अब भी राहत दी जा रही है। 'अमर उजाला' ने एक्सक्लूसिव खबर में दिखाया था कि लालू प्रसाद जिस गाड़ी से चलते हैं, उसमें न बीमा है, न ही वह गाड़ी प्रदूषण रहित है। गाड़ी का फिटनेस भी नहीं। इस खबर के बाद राष्ट्रीय जनता दल के नाम से निबंधित उस गाड़ी का पहले नियंत्रित प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) कराया गया और फिर फॉलोअप-पूछताछ के बाद अप्रैल में बीमा भी करा लिया गया। लेकिन, बड़ी बात यह है कि लालू को घुमाने वाली यह गाड़ी अब भी फिट नहीं है। सरकारी एप तो यही दिखा रहा है।
दूसरे की गाड़ी ऐसे हो तो देखिए जुर्माने के कितने रास्ते
'अमर उजाला' किसी के पक्ष-विपक्ष की बात नहीं कर रहा, बल्कि आम आदमी की बात सामने ला रहा है। अगर आम आदमी की गाड़ी का फिटनेस फेल हो तो बीमा कंपनी उसका इंश्योरेंस मना कर देगी। नियंत्रित प्रदूषण का प्रमाणपत्र मिलना भी मुश्किल होगा। जिन गाड़ियों में नियंत्रित प्रदूषण का प्रमाणपत्र नहीं हो, उसका बीमा या फिटनेस होना भी मुश्किल है। इसके अलावा, जिस गाड़ी का चालान बकाया है, उसका नियंत्रित प्रदूषण प्रमाणपत्र या बीमा होना असंभव है।