Bihar News : बिहार में एक विपक्षी विधायक की जाएगी सदस्यता, हत्या के मामले में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई
मंगलवार को एडीजे तीन की अदालत ने मनोज मंजिल को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही अर्थ दंड भी लगाया। दरअसल, 2015 विधानसभा चुनाव के समय जेपी सिंह नाम के व्यक्ति की हुई थी। इसका आरोप मनोज मंजिल पर लगा था।
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महागठबंधन से एक विधायक की सदस्यता जाने वाली है। उन्हें कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। भोजपुर के अगिआंव विधायक से माले विधायक मनोज मंजिल को हत्या में मामले हुई उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। आरा सिविल कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई कर रही थी। मंगलवार को सतेन्द्र सिंह की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मनोज मंजिल समेत 23 को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही अर्थ दंड भी लगाया। भाकपा माले के कार्यकर्ता और विधायक समर्थक कोर्ट पहुंच गए। कोर्ट द्वारा माले विधायक को सजा सुना जाने के बाद कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई और पुलिस हर परिस्थिति से निपटने के लिए डटी रही।
कोर्ट में हत्या का आरोप सिद्ध होने के बाद माले विधायक मनोज मंजिल को आरा कोर्ट से ही गिरफ्तार कर लिया गया और आरा मंडल कारा भेज दिया गया। जेल जाने से पहले मनोज मंजिल ने कहा कि यह राजनीतिक षड्यंत्र है। जानबूझ कर सामंती ताकते हमको फ़ंसाई है लेकिन हम डरने वाले नहीं है इस केस को हाईकोर्ट ले कर जायंगे साथ ही बाहर आने के बाद गरीबों के आवाज को और बुलंदी के साथ उठाएंगे।
20 अगस्त 2015 को अजीमाबाद थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी जयप्रकाश सिंह एक सभा को संबोधित कर अपने बेटे के साथ शाम को घर आ रहें थे। इसी बीच चिना राम, भरत राम,त्रिलोकी राम,प्रभु चौधरी, रामानंद प्रसाद चंद्रधान राम जयकुमार यादव नंदू यादव तनमन चौधरी मनोज चौधरी सर्वेश चौधरी पवन चौधरी नंदकुमार चौधरी हराम वाली चौधरी गुड्डू चौधरी गब्बर चौधरी प्रेम राम बबन चौधरी रामाधार चौधरी रविंदर चौधरी शिवबली चौधरी रोहित चौधरी और वर्तमान अगिआंव विधानसभा (सुरक्षित सीट) से माले विधायक मनोज मंजिल के द्वारा जयप्रकाश चौधरी को बीच रास्ते में ईंट पत्थर और लाठी डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मृतक जयप्रकाश सिंह के शव को साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से ठिकाने लगा दिया था। जयप्रकाश सिंह के बेटे चंदन कुमार ने अपने पिता की हत्या का मामला अजीमाबाद में दर्ज कराया। पुलिस ने घटना के करीब एक सप्ताह बाद 27.8.15 को अजीमाबाद थाना क्षेत्र के सितुहारी नहर से मृत प्रकाश सिंह का छत विक्षत अवस्था में शव बरामद किया था।
छात्र आंदोलन से हुई थी राजनीति की शुरुआत
कोर्ट द्वारा चर्चित हत्याकांड में दोषी पाए गए भाकपा माले विधायक मनोज मंजिल की राजनीतिक शुरुआत पार्टी के आइसा विंग से छात्र आंदोलन से हुई थी। भाकपा माले ने उन्हें अगिआंव विधानसभा सीट से 2015 के चुनावी मैदान में उतारा था। उस वक्त उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। 2020 में मनोज मंजिल फिर से माले के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे। इस बाद जदयू विधायक प्रभुनाथ राम को हरा दिया।