बिहारः चौथे चरण के बाद सटोरियों ने मारी पलटी, जानिए क्यों?
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बिहार चुनावों में हर दौर के बाद मतदाताओं का बदलता मिजाज राजनीतिक दलों के साथ साथ राजनीतिक विश्लेषकों को भी गफलत में डाल रहा है। चार चरणों के मतदान के बाद भी कोई यह दावा करने की स्थिति में नहीं दिख रहा है कि वोटरों का रुख क्या है।
मतदाताओं के इसी मिजाज ने सट्टा बाजार के भी होश उड़ा दिए हैं। यही कारण है कि हर चरण के बाद सट्टा बाजार भी अपना दांव बदल दे रहा है। तीसरे चरण तक महागठबंधन की जीत के पक्ष में दांव लगाते दिख रहे सटोरियों ने चौथे चरण के बाद पलटी मार दी है।
उनक दांव अब नए खिलाड़ी पर है। फिलहाल सटोरियों का रुख भाजपा गठबंधन के पक्ष में जाता दिख रहा है। जो चौथे चरण के चुनाव के बाद वोटरों के रुख के आधार पर एनडीए को जीत का बड़ा दावेदार मान रहा है।
जानिए दोनों गठबंधनों को कितनी सीटें
इकॉनोमिक टॉइम्स की खबर के अनुसार 5 नवंबर को होने वाले पांचवे और अंतिम चरण के मतदान से पहले सट्टा बाजार ने एनडीए पर दांव लगा दिया है। सटोरिये भाजपा गठबंधन को 126 और भाजपा को 96 सीट मिलने की उम्मीद जता रहे हैं।
वहीं जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल वाले महागठबंधन को 110 सीटें मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जिसमें लालू यादव के राजद को 44 और नीतीश कुमार के जेडीयू को 55 सीटों की घोषणा की गई है।
वहीं सबसे बड़ी उम्मीद तो कांग्रेस के लिए है जिसके विधायकों की संख्या काफी दिन बाद दहाई की संख्या (11) तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। जानकारों की मानें तो सट्टा बाजार अंतिम दांव पांचवे चरण के मतदान के बाद ही लगाएगा।
भाजपा गठबंधन बना हुआ है पहली पसंद
हैरत की बात ये है चौथे चरण के बाद सट्टा बाजार में एनडीए के पक्ष में तेजी से हवा बदली और मतदान संपन्न होने के बाद इसके 136 सीटों तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही थी।
लेकिन सोमवार शाम के बाद फिर माहौल बदला और अब इसके 126 सीटों पर दांव लगाया जा रहा है। वहीं तीसरे चरण तक भाजपा से आगे चल रहा महागठबंधन चौथे चरण के बाद पीछे आ गया।
सट्टा बाजार के जानकारों की मानें तो बिहार विधानसभा चुनाव शुरू होने के दौरान से ही भाजपा नेतृत्व वाला राजग सटोरियों की पहली पसंद बना हुआ था। जिसमें राजग को 150 सीटें मिलने की उम्मीद की जा रही थी।